Uttarakhand यहां साल के पहले ही दिन थम गए पहिये, जानिए केंद्र सरकार के हिट एंड रन केस को लेकर क्यों है विरोध
Uttarakhand उत्तराखंड में नए साल के पहले दिन लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है। प्रदेशभर में ड्राइवर यूनियन की ओर से 1 जनवरी से लेकर 3 जनवरी तक हड़ताल का ऐलान किया गया है। केंद्र सरकार के नए कानून के विरोध में हड़ताल ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर हैं।

जिसमें केंद्र सरकार द्वारा एक्सीडेंट करने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 10 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान रखने का विरोध किया गया है। हड़ताल का देहरादून में भी व्यापक असर देखने को मिला है। ऑटो विक्रम से लेकर ट्रक चालकों ने हड़ताल का समर्थन किया है।
जिससे देहरादून की सड़कों पर जगह जगह लोग चोराहों पर गाड़ियों का इंतजार करते हुए नजर आए। नए साल के पहले दिन सफर करने वाले लोगों को इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि राजधानी देहरादून से पहाड़ों और मैदानी इलाकों में गाड़ियों आती जाती हैं।
स्वास्थ्य से लेकर हर तरह का केंद्र होने की वजह से कई लोग देहरादून आकर ही अपने जरुरी काम धंधे निपटाते हैं। इसके साथ ही न्यू ईयर होने और बच्चों के स्कूलों की छुट्टियां होने की वजह से भी कई लोग देहरादून, पर्यटक स्थलों समेत मैदानी जिलों की तरफ घूमने आए हुए थे। लेकिन ट्रांसपोटर्स की हड़ताल के चलते लोगों को कई घंटों सड़कों पर इंतजार करना पड़ा।
नए साल का जश्न मनाने आए पर्यटकों को भी टैक्सी न मिलने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। ट्रांसपोर्टर तीन दिन तक हड़ताल कर रहे हैं, ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रांसपोर्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने जो नया नियम बनाया है, उसका दूसरा पहलू भी सरकार को सोचना चाहिए। इसके लिए ड्राइवरों को भी आने जाने में किसी तरह की परेशानी न हो। इस पर भी सरकार को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार ड्राइवर भी लोगों की जान बचाते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और सुविधा का कोई भी ध्यान नहीं रखता है।
बता दें कि केंद्र सरकार के वाहन से दुर्घटना होने पर चालक को 10 वर्ष का करावास और पांच लाख अर्थदंड वसूलने के नए प्रावधान के विरोध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन कांग्रेस ने तीन दिनी देशव्यापी हड़ताल का एलान किया है। जिसका महासंघ टैक्सी यूनियन कुमाऊं मंडल, गढ़वाल समेत कई यूनियन समर्थन में उतरे हुए हैं।
ड्राइवर यूनियन की 1 से लेकर 3 जनवरी तक हड़ताल की वजह से उत्तराखंड में नए साल के पहले दिन लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है। केंद्र सरकार द्वारा एक्सीडेंट करने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 10 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान रखने का विरोध किया गया है। pic.twitter.com/KDP1XgrWSW
— pavan nautiyal (@pavannautiyal) January 1, 2024












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