Unified Pension Scheme का लेकर क्या है उत्तराखंड के कर्मचारियों की राय, OPS की क्यों हो रही मांग
Unified Pension Scheme पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन खत्म नहीं होगा। केंद्र सरकार के यूनिफाइड पेंशन स्कीम का भी कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है।
उत्तराखंड के राज्य कर्मचारी इसके विरोध में आकर काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे हैं। जो कि 7 सितंबर प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।

उत्तराखंड में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर राज्य कर्मचारियों नेे एक बार फिर विरोध शुरू कर दिया है। राज्य कर्मचारियों ने केंद्र की यूपीएस फॉमूले को नकार दिया है। राज्य कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उन्हें झुनझुना पकड़ाने की कोशिश कर रही है। लेकिन वे इसका विरोध करते हैं।
Recommended Video
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत ने कहा कि सरकार ने 2004 से पेंशन को वापस लिया है, उसका हम पहले ही दिन से विरोध करते आ रहे हैं। सरकार अब ओल्ड पेंशन स्कीम की जगह यूनिफाइड पेंशन स्कीम लेकर आई है, जो कि एनपीएस की जगह लागू किया जा रहा है।
ये हमें सरकार झुनझुना पकड़ा रही है। उन्होंने कहा कि हम अपने कर्मचारियों के लिए ओपीएस की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार 10 प्रतिशत हमारे वेतन से काटेंगे और उसकी हमें कोई गारंटी नहीं है। हम इस तरह की सरकार की योजना का पुरजोर विरोध करते हैं। विक्रम सिंह रावत ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की जगह विधायक, सांसदों पर यूपीएस लागू करना चाहिए।
ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग को लेकर पूरे प्रदेशभर में विरोध जारी है। जो कि क्रमवार आगे भी चलता रहेगा। 7 सितंबर को डीएम के माध्यम से पीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। लोनिवि महासंघ के संगठन मंत्री महावीर तोमर का कहना है कि राज्य में हम किसी भी कीमत में सरकार को यूपीएस लागू नहीं करने देंगे।
लोकसभा चुनाव में जो सबक मोदी सरकार को जनता ने सिखाया है, वह अगर इस स्कीम को वापस नहीं लिया तो आगे फिर सिखाएगी। प्रमुख अभियंता संयुक्त मोर्चा के महामंत्री केदार फर्सवाण ने कहा कि आज उन्होंने काली पट्टी बांधकर इसका विरोध किया है,लेकिन हम अपने जनप्रतिनिधियों से कहना चाहते हैं कि कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन बहाली करने में अपना समर्थन दें,नहीं तो इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।












Click it and Unblock the Notifications