उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज के किए दर्शन,एक्स पर लिखी ये खास बात
कैंची धाम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज नैनीताल स्थित कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी और बेटा भी मौजूद रहे।
बाबा के धाम पहुंचकर उपराष्ट्रपति ने बाबा नीब करौरी महाराज की तपस्या स्थली पर बैठकर पूजा अर्चना की।

गुरुवार को एक दिवसीय उत्तराखंड भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत हल्द्वानी कैंट स्थित हेलीपैड पहुंचे। हेलीपैड पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने उनका स्वागत एवं अभिवादन किया। इसके बाद बाद उपराष्ट्रपति का काफिला कैंची धाम के लिए रवाना हो गया।
कैंची धाम के दर्शन करने के बाद उपराष्ट्रपति सड़क मार्ग से हल्द्वानी पहुंचे। हल्द्वानी हेलीपैड से पंतनगर रवाना हुए। यहां से वो गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर में नेशनल एग्रीकल्चर हायर एजुकेशन प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपने सरकारी विमान से दिल्ली वापस लौट गए।
मंदिर समिति के लोगों ने बाबा के जीवन के बारे में उपराष्ट्रपति को बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि में बाबा के दर्शन करके अभिभूत हैं। ऐसे स्थानों पर दिल, दिमाग और आत्मा को शांति मिलती है। ऐसे स्थान पर आकर व्यक्ति का अपनी आत्मा से परिचय होता है।
दिल, दिमाग और आत्मा में समीकरण बनने के बाद व्यक्ति खुद की पहचान कर पाता है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत संस्कृति और आध्यात्म से जुड़ा हुआ देश है। जी 20 समिट में विश्व के देशों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और क्षमताओं को जाना है। कैंची धाम में बाबा नीब करौरी के दर्शन करने के बाद उपराष्ट्रपति पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के लिए रवाना हुए।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक्स पर लिखा कि
हिमालय की सुरम्य, शांत पर्वत श्रेणी के बीच विराजमान दिव्य कैंची धाम के दर्शन कर मन अभिभूत है। बाबा श्री नीब करौरी महाराज के आश्रम की आध्यात्मिक ऊर्जा से तन-मन में एक सकारात्मक शक्ति का प्रवाह हुआ, जो कि एक अद्वितीय अनुभव है। प्रभु से प्रार्थना है कि सबको सुखी, समृद्ध और संपन्न करें!












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