Uttarakhand आज से लागू करेगा समान नागरिक संहिता, ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य! जानें क्या होगा बदलाव?

Uttarakhand Uniform Civil Code: उत्तराखंड इतिहास रचते हुए आज से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने जा रहा है। यह राज्य ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस कानून को लागू करने के लिए राज्य सचिवालय में एक पोर्टल का अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य दौरे से ठीक पहले दोपहर करीब 12:30 बजे इस ऐतिहासिक कानून को लागू किया जाएगा।

Uttarakhand Uniform Civil Code

What is Uniform Civil Code: क्या है समान नागरिक संहिता (यूसीसी)?

समान नागरिक संहिता एक ऐसा कानून है जो धर्म, जाति, लिंग या समुदाय के आधार पर किसी तरह के भेदभाव को खत्म करने का उद्देश्य रखता है। यह विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति अधिकारों जैसे मामलों में सभी को समान अधिकार देता है। मुख्यमंत्री धामी ने इसे 'सामंजस्यपूर्ण समाज की नींव' बताते हुए कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री मोदी के'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' दृष्टिकोण के अनुरूप है।

यूसीसी के प्रमुख प्रावधान?

  • संपत्ति में समान अधिकार: बेटे और बेटी को समान संपत्ति अधिकार दिए जाएंगे।
  • एकविवाह का प्रावधान: बहुविवाह पर रोक लगाई जाएगी और विवाह का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
  • वैध और अवैध बच्चों के बीच अंतर खत्म: सभी बच्चों को समान अधिकार मिलेंगे।
  • गोद लिए गए बच्चों के अधिकार: जैविक और गोद लिए गए बच्चों को समान दर्जा मिलेगा।
  • मृत्यु के बाद संपत्ति का अधिकार: मृत व्यक्ति की संपत्ति उसके जीवनसाथी, बच्चों और माता-पिता में समान रूप से बांटी जाएगी।

यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया

समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 को पिछले साल फरवरी में उत्तराखंड विधानसभा में पारित किया गया था। मार्च 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहमति मिलने के बाद यह कानून बन गया। मुख्यमंत्री धामी ने इसे अपनी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि उन्होंने "यूसीसी लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी।"


यूसीसी लागू होने के क्या होंगे फायदे?

  • भेदभाव खत्म: विवाह, तलाक और संपत्ति से जुड़े मामलों में सभी धर्मों और समुदायों को समान अधिकार मिलेंगे।
  • महिलाओं के लिए लाभकारी: यह कानून महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को खत्म करेगा और उन्हें समानता का अधिकार देगा।
  • सामाजिक एकता: यह समाज में सामंजस्य और समानता स्थापित करने में मदद करेगा।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव:

समान नागरिक संहिता पर देशभर में लंबे समय से बहस होती रही है। उत्तराखंड में इसे लागू करने का फैसला न केवल एक ऐतिहासिक कदम है, बल्कि यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण पेश करता है।

धामी का बयान:

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "हमने 2022 में वादा किया था कि यूसीसी लाएंगे, और अब इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया है। यह महिलाओं, बच्चों और समाज के हर वर्ग के लिए फायदेमंद साबित होगा।"

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