Uttarakhand news: सिलक्यारा सुरंग का कहां तक पहुंचा काम, हादसे से लिया सबक, पहले ये काम शुरू
उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में सुरक्षात्मक कार्य शुरू कर दिए गए हैं। पहले ह्यूम पाइप बिछाने का काम शुरू किया गया है। भूस्खलन की घटना से सबक लेते हुए सुरंग निर्माण के लिए जरूरी डी वाटरिंग व मलबे को निकालने से पहले सुरक्षा को देखते हुए काम शुरू किया गया है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी सिलक्यारा में बीते 12 नवंबर को यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन 4.5 किमी लंबी सिलक्यारा- पोल गांव सुरंग में भूस्खलन हुआ था, जिसमें 41 मजदूर 17 दिन फंसे रहे। मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। उत्तराखंड सरकार के साथ केंद्र और विश्व स्तर के एक्सपर्ट बुलाए गए।
17 दिन बाद सुरंग से सभी मजदूरों को सकुशल निकाल लिया गया। तब से सुरंग में काम ठप पड़ा था। इस बीच 23 जनवरी को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल को निर्माण शुरू करने की अनुमति दी। अनुमति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था सुरंग निर्माण के लिए हर वह कदम उठा रही है। जो सुरक्षा की दृष्टि से अहम है।
सुरंग के बड़कोट मुहाने से निर्माण संबंधी कार्य शुरू कर दिए गए हैं। लेकिन हादसे वाले सिलक्यारा मुहाने के पास भूस्खलन के मलबे के कारण निर्माण के लिए जरूरी डी वाटरिंग व मलबा हटाने का काम अब शुरू हुआ। बीते शुक्रवार को यहां पंडित से पूजा अर्चना करवाकर सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए गए।
भूस्खलन होने पर मजदूरों को बाहर निकालने की स्थिति में सुरंग के किनारे- किनारे ह्यूम पाइप बिछाया जा रहा है। जो कि करीब 40 से 50 मीटर तक बिछाया जा रहा है। हादसे के समय ह्यूम पाइप न होने की वजह से मजदूरों को बाहर नहीं निकाला जा सकता था। अब कंपनी इस तरह के किसी भी रिस्क को नहींं उठाना चाहेगी। बताया जा रहा है कि इस काम में एक हफ्ते से ज्यादा का समय लग सकता है। इस बीच हादसे में फंसे मजदूर भी दोबारा काम पर लौटने लगे हैं।












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