Year Ender 2023: जानिए साल 2023 में लिए उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी के 10 धाकड़ फैसले

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 23 मार्च 2022 को बतौर सीएम पद की शपथ ली। धामी सरकार ने अब तक कार्यकाल में कई सख्त और बड़े फैसले लिए हैं। जिससे धामी की राज्य ही नहीं पूरे देश में धाकड़ धामी वाली इमेज बन गई है। यूसीसी, धर्मांतरण कानून, महिला आरक्षण, राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण, नकल विरोधी कानून, अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई, विधानसभा में बैकडोर भर्ती की जांच कराकर सीएम धामी ने सख्त कदम उठाए।

जानते हैं धामी के अब तक के धाकड़ फैसले-

uttarakhand hindi news Year Ender 2023: Know pushkar singh Dhami 10 bold decisions

समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए धामी सरकार पहले ही दिन से लगातार प्रयास में जुटी है। जिसको लेकर लगातार निर्णय भी लिए जा रहे हैं। सीएम धामी ने सत्ता में आते ही सबसे पहले चुनाव से पहले किए वादे समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए समिति गठित की। जिसका ड्राफ्ट जल्द सरकार को सौंपा जाएगा।

धर्मांतरण विरोधी कानून उत्तराखंड में उत्तरप्रदेश से भी सख्त है। प्रदेश में जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने या करने पर अब 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। राज्यपाल ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता संशोधन विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी है। उत्तराखंड में 2018 में यह कानून बनाया गया था। उसमें जबरन या प्रलोभन से धर्मांतरण पर एक से पांच साल की सजा का प्रावधान था।

नकल विरोधी कानून उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू हो गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश, 2023 पर मुहर लगा दी है। अब भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल कराने या अनुचित साधनों में लिप्त पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा मिलेगी। साथ में 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना भी देना पड़ेगा। उत्तराखंड ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर दिया है।

महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का कानूनी अधिकार उत्तराखंड में धामी सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का कानूनी अधिकार दे दिया है। प्रदेश सरकार ने 30 नवंबर 2022 को विधानसभा में बिल को सर्वसम्मति से पारित कराकर राजभवन भेजा था। राजभवन ने उत्तराखंड लोक सेवा (महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी।

राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10% क्षैतिज आरक्षण उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10% क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी है। भराड़ीसैंण में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

बैकडोर भर्ती पर सख्त कदम बैकडोर भर्ती की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण से इसकी जांच कराने की मांग की। जिसके बाद ऋतु खंडूरी भूषण ने इसकी जांच समिति से जांच कराई और विधानसभा में बैकडोर से हुईं 250 भर्तियां रद्द कर दी हैं। इनमें 228 तदर्थ और 22 उपनल के माध्यम से हुईं नियुक्तियां शामिल हैं। वहीं, विधानसभा सचिव मुकेश सिंघल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई है। ये धामी सरकार का सबसे कठोर कदम में शामिल रहा।

अवैध अतिक्रमण धामी सरकार में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए सीएम धामी ने अवैध अतिक्रमण के लिए स्पेशल अभियान चलाकर अधिकारियों की जबावदेही तय की। जिसका असर भी देखने को मिला और प्रदेश में लगातार ऐसी धार्मिक संरचनाओं को भी हटाया गया। जो कि अवैध रुप से बनी हुई थी। इस दौरान बुुलडोजर कार्रवाई सबसे ज्यादा खबरों में रही।

गड्डा मुक्त सड़कें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़कों को गड़्डा मुक्त करने के लिए भी खास अभियान चलाया है। इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि टाइमलाइन तक अगर गड्डा मुक्त नहीं किया गया तो अधिकारियों की जबावदेही तय की जाएगी। सीएम के इस सख्त रवैये से अधिकारियों में हडकंप है।

परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था तत्काल समाप्त सीएम धामी ने तकनीकी पदों समेत समूह 'ग' की सभी परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था तत्काल समाप्त करने और पीसीएस या अन्य उच्च पदों पर साक्षात्कार का प्रतिशत कुल अंकों के 10 प्रतिशत से ज्यादा न रखने की घोषणा की। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिये समूह 'ग' की सभी परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी।

ड्रग्स फ्री देवभूमि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन-2025 का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस वर्ष अभी तक एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 600 मुकदमे पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें करीब साढ़े सात सौ आरोपित सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+