उत्तराखंड आपदा:4 दिन बाद मिले 3 शव, 4 की तलाश जारी, बंद पड़े मार्गों पर आवाजाही शुरू
देहरादून के सरखेत में प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
देहरादून, 25 अगस्त। देहरादून के सरखेत में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के बाद से ही प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। राहत, बचाव कार्य के साथ ही आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मेडिकल सुविधाएं और अन्य जरूरी सामान पहुंचाए जा रहे हैं। उधर आपदा के 4 दिन बाद सरखेत के घर में दफन हुए पांच लोगों में से तीन के शव मिल गए हैं। वहीं देहरादून जिले से लापता कुल सात लोगों में से चार की तलाश जारी है। इनमें दो सरखेत और दो सोडा सरोली गांव से लापता हुए थे। जिनके लिए एसडीआरएफ के डॉग स्क्वायड और नाविक दलों की मदद ली जा रही है।

4 दिन बाद बुधवार को खोजी दलों ने तीन शव बरामद कर लिए
शनिवार से आपदाग्रस्त इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी एसडीआरएफ की टीम ने सरखेत इलाके में अतिवृष्टि से भीषण तबाही में जमींदोज हुए मकान से 3 शव बरामद किए। इस आपदा में सरखेत निवासी राजेंद्र सिंह राणा का घर भी जमींदोज हो गया था। उनके यहां कुछ मेहमान भी आए थे। 4 दिन बाद बुधवार को खोजी दलों ने तीन शव बरामद कर लिए। दो शव एक ही जगह मिले। इनकी पहचान सुरेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह राणा निवासी जैंदवाड़ी टिहरी गढ़वाल के रूप में हुई। करीब एक घंटे बाद एक और शव बरामद हुआ। जिसकी पहचान विशाल निवासी भैंसवाड़ा के रूप में हुई। परिवार से जुड़े जगमोहन और अनीता अब भी लापता हैं। वहीं सोडा सरोली से लापता दीपक रावत और गीताराम की भी तलाश जारी है। इसके साथ ही कुमाल्डा क्षेत्र के ग्वाड़ गांव में आई आपदा के बाद लापता चल रहे गांव के एक परिवार के चार लोगों का पांच दिन में भी कोई पता नहीं चल पाया है। ग्वाड़ गांव में मगनी देवी अपने बेटे कमांद सिंह, बहु रुकमणि और एक पोता पोती के साथ घर में सो रही थी लेकिन रात को बादल फटने से आए सैलाब में उनका पूरा मकान ही मलबे में दब गया। घटना के बाद से लापता लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्य चलाने के कई प्रयासों के बाद टीम को मलबे से एक शव ही मिल पाया जबकि चार लोग अभी भी मलबे में दबे हैं।
सरखेत से भैंसवाड़ा तक आवाजाही शुरू
बुधवार से लोक निर्माण विभाग ने सरखेत से भैंसवाड़ा तक आवाजाही शुरू करवा दी है। अब वाहन सरखेत से आगे भैंसवाड़ा तक जाने लगे हैं। जिससे राहत कार्यों में तेजी आ गई है। साथ ही सरखेत सहित आसपास के लोगों को भी थोड़ी राहत मिली है। 19 अगस्त की रात को आसमान आफत ने सरखेत खेत्र में भारी तबाही मचाई थी। जिससे यहां आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी थी। अब चार दिन बाद लोक निर्माण विभाग ने नदी में रैंप डालकर अस्थायी सड़क तैयार कर ली है। जिससे भैंसवाड़ा तक लोगों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही सौंग नदी पर टूटे पुल की वजह से बंद पड़ा मार्ग सुचारू रूप से चालू हो गया है। मार्ग पर सुबह 7 से 10 और दिन 1 बजे से 3 बजे तक तथा शाम 5 से 6 बजे तक चालू रहेगा । बाकी समय ट्रैफिक बंद रहेगा।
पुल से नीचे गिरी कार में सवार एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत
19 अगस्त की रात पुल से नीचे गिरी कार में सवार एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। हिमालयन अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अन्य चार लोगों की हालत सामान्य बताई जा रही है। भारी बारिश से सौंग नदी के पुल की एप्रोच रोड टूट गई थी। रात करीब देहरादून निवासी सतेंद्र बुटोला कार से अपने पिता की अंत्येष्टि में रुद्रप्रयाग जा रहे थे। कार में उनकी पत्नी कृष्णा बुटोला, बेटा सार्थक और दो भाई देवेंद्र व पंकज बुटोला भी सवार थे।रात के अंधेरे और भारी बारिश के बीच उन्हें टूटी एप्रोच रोड दिखाई नहीं दी और कार नदी में जा गिरी। करीब चार घंटे बाद उनकी कार को स्थानीय लोगों ने देखा तो एसडीआरएफ ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। सभी लोग घायल थे। इन्हें जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से पंकज बुटोला की बुधवार को मृत्यु हो गई।












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