धामी की टीम-11 और दायित्वों के बंटवारे को लेकर चल रही कयासबाजी पर विराम, भाजपा संगठन का सबसे पहले इस पर फोकस
धामी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कयासबाजी पर विराम
देहरादून, 16 अगस्त। उत्तराखंड में एक बार फिर धामी सरकार की टीम 11 को लेकर सोशल मीडिया में चल रही कयासबाजी पर विराम लग गया है। सूत्रों का दावा है कि पहले भाजपा के प्रदेश संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव होना है। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की नई टीम के गठन के बाद ही धामी सरकार के विस्तार पर चर्चा संभव हो पाएगी। हालांकि इस बात के कम ही संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश में धामी सरकार में खाली 3 कैबिनेट की कुर्सियों को भरा जाएगा। कैबिनेट की जगह दायित्वधारियों को लेकर सरकार में किसी तरह का होमवर्क किया जा सकता है।

सभी मुद्दों पर विराम लग गया
बीते दिनों कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के एक बयान ने मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं को हवा दे दी थी। गणेश जोशी ने मीडिया में दिए एक बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री धामी की टीम बड़ी होगी तो और अच्छा खेलेगी। अभी तक उनकी टीम कम खिलाड़ियों के साथ खेल रही है। मंत्री गणेश जोशी का ये बयान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद आया। ऐसे में सोशल मीडिया में धामी सरकार के विस्तार की खबरें जमकर वायरल होने लगी। कई नामों पर चर्चा भी शुरू हो गई। लेकिन स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद इन सभी मुद्दों पर विराम लग गया। पार्टी सूत्रों का दावा है कि अगस्त अंतिम सप्ताह तक नए प्रदेश अध्यक्ष की टीम का ऐलान होगा। जिसमें नए चेहरों को तरजीह दी जाएगी। इसमें हर प्रकार के जातिय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के साथ ही युवा चेहरों पर फोकस किया जाएगा। इसके बाद ही धामी सरकार में प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा संभव है। हालांकि ये मामला अगर दीवाली तक खिंच जाए तो किसी तरह की हैरानी नहीं होगी। पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों में इसी तरह की परिपाटी रही है। पूर्ण बहुमत की सरकार आने के बाद दायित्वों और कैबिनेट की सभी सीटों को भरने की कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई दी है।
मुख्यमंत्री और भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हाल ही में केन्द्रीय नेतृत्व से मिलकर आए हैं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट हाल ही में केन्द्रीय नेतृत्व से मिलकर आए हैं। ऐसे में दावा किया गया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सरकार में कुछ दायित्व बांटे जा सकते हैं। लेकिन फिलहाल इस तरह की पार्टी के अंदर चर्चा खत्म हो गई है। हालांकि हरिद्वार जिले में पंचायत चुनाव को देखते हुए पार्टी या संगठन में जिले के प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा तेज है। आगामी पंचायत चुनाव और लोकसभा चुनाव को देखते हुए हरिद्वार जिले को खाली रखना भाजपा के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। इस समय हरिद्वार जिले का सरकार और संगठन में किसी तरह का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। जिसे पूरा करना भी सीएम धामी के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
3 मंत्रियों के लिए अभी धामी सरकार में सीट
प्रदेश में धामी सरकार में 8 कैबिनेट मंत्री हैं, इस तरह से 3 मंत्रियों के लिए अभी धामी सरकार में सीट खाली है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के चमोली जिले से आने के बाद एक जिले को संगठन में प्रतिनिधित्व मिल चुका है। अल्मोड़ा, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, बागेश्वर, उधम सिंह नगर जिलों का प्रतिनिधित्व है। जबकि हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग जिलों को अब भी कैबिनेट में प्रतिनिधित्व का इंतजार है।












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