Uttarakhand: मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना, जानिए पात्रता और छात्रवृत्ति के बारे में
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इस योजना से छठवीं से 12वीं कक्षा तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को सरकार हर महीने छात्रवृत्ति देगी।

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना को धामी सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इस योजना से प्रदेश के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के छठवीं से 12वीं कक्षा तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को सरकार हर महीने 600 से 1200 रुपये तक छात्रवृत्ति देगी। प्रदेश के करीब 55 हजार से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति मिलेगी। इनमें छह से आठवीं तक के 24 हजार, नौंवी से 10वीं तक 15 हजार और 11वीं व 12वीं के 16 हजार से अधिक छात्रवृत्ति पाएंगे।
कक्षा 12वीं तक हर महीने 1200 रुपये
मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा छह के पात्र छात्र-छात्राओं को अधिकतम एक वर्ष तक हर महीने 600 रुपये, कक्षा सात के पात्र छात्रों को अधिकतम एक साल तक हर महीने 700 रुपये और आठवीं के पात्र छात्रों को हर महीने 800 रुपये छात्रवृत्ति दी मिलेगी। कक्षा नौवीं और 10वीं के पात्र छात्रों को हर महीने 900 रुपये छात्रवृत्ति दी जाएगी। उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को कक्षा 12वीं तक हर महीने 1200 रुपये छात्रवृत्ति दी जाएगी।
एक प्रतियोगी परीक्षा कराई जाएगी
उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 80 प्रतिशत और इससे अधिक अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को यह छात्रवृत्ति 12वीं की पढ़ाई तक मिलती रहेगी। पांचवीं में एक प्रतियोगी परीक्षा कराई जाएगी जिसमें श्रेष्ठ 10 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को छठवीं, सातवीं और आठवीं में छात्रवृत्ति मिलेगी। आठवीं में फिर एक प्रतियोगी परीक्षा होगी जिसमें पास हुए श्रेष्ठ 10 प्रतिशत छात्र-छात्राएं नौवीं और 10वीं में छात्रवृत्ति पाने के पात्र होंगे। यह पात्रता छात्र-छात्रा की 75 प्रतिशत उपस्थिति की शर्त पर मिलेगी। छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन एससीईआरटी उत्तराखंड देहरादून की ओर से किया जाएगा।
ये होंगे पात्र-
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- विकासखंड स्तर पर कक्षा पांचवीं और आठवीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं की प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर कुल प्रतिभागी छात्रों में से 10 प्रतिशत श्रेष्ठ छात्र-छात्रा
- राजकीय, राजकीय सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं (केंद्रीय और आवासीय विद्यालयों को छोड़कर) से कक्षा पांच संस्थागत रूप से उत्तीर्ण करना अनिवार्य
- वर्तमान में कक्षा छह में संस्थागत छात्र-छात्रा के रूप में अध्ययनरत होना भी अनिवार्य
- कक्षा छह एवं सात में प्रत्येक कक्षा में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 75 प्रतिशत एवं 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किया जाना अनिवार्य
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षा और वार्षिक परीक्षा में पांच प्रतिशत अंक की छूट
- राज्य सरकार की अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभार्थी नहीं होना चाहिए।












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