Uttarakhand assembly session: सदन बुधवार तक के लिए स्थगित, यूसीसी पर कल होगा फैसला, ये अहम बिल भी होगा पेश
उत्तराखंड के विधानसभा सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया गया। जिस पर मंगलवार को दिनभर चर्चा हुई। अब सदन बुधवार को फिर से इस बिल पर चर्चा करेगा। इसके बाद राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के बिल पर प्रवर समिति की रिपोर्ट पेश की जाएगी।

मंगलवार को सत्र के दूसरे दिन की शुरूआत हंगामेदार रही। सदन शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि यूसीसी को लेकर समय दिया जाना चाहिए। साथ ही इसे अगले सत्र में लाया जाए।
विपक्षी विधायकों के विरोध के बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सदन के पटल पर यूसीसी का विधेयक रखा। सीएम के विधेयक को रखते ही पूरा सदन जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे के साथ गूंज उठा। इसके बाद सदन दो बजे तक के लिए स्थगित हुआ। फिर से सत्र शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सबसे पहले इसके पक्ष में अपनी बात रखी।
संसदीय मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने इस बीच शायराना अंदाज में विपक्ष पर कटाक्ष किया। उन्होंने राम मंदिर और आर्टिकल 370 जैसे मुद्दों को उठाया और पीएम मोदी और सीएम धामी की जमकर तारीफ की। बाद में अब नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने यूसीसी को लेकर अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि यूसीसी पर जल्दबाजी की जा रही है। हमने इस पर समय मांगा है। उन्होंने विधेयक को प्रवर समिति को सौंपने की मांग की। सत्ता पक्ष की तरफ से कैबिनेट मंत्रियों और भाजपा के कई विधायकों ने अपना पक्ष रखा।
शाम को विधानसभा सत्र की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। प्रदेश की धामी सरकार विधानसभा में राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का संशोधित विधेयक भी पेश करेगी। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में यह तय हुआ कि सदन में सारे काम छोड़कर सिर्फ यूसीसी पर चर्चा होगी।












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