UK NEWS: कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में होगी हाथी की सफारी, जानिए कब, कहां, कैसे और कितने में होगी सफारी
UTTARAKHAND NEWS: जंगल सफारी रोमांच का शौक रखने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। टाइगर रिजर्व में नया रोमांच देखने को मिलेगा। कॉर्बेट और राजाजी में एलिफेंट सफारी को मंजूरी मिल गई है। जिसके बाद दिसंबर से ढिकाला बिजरानी जोन में हाथी सफारी का रोमांच देखने को मिलेगा।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से इस ठंड के सीजन में पर्यटकों के लिए खुशखबरी आई है। वर्षों से बंद पड़ी हाथी सफारी को आखिरकार फिर से अनुमति मिल गई है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता, रॉयल बंगाल टाइगर और रोमांचक जंगल सफारी के लिए प्रसिद्ध है।

वर्ष 2018 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत पार्क में हाथियों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगा दी थी। उसी आदेश के बाद हाथी सफारी पूरी तरह बंद कर दी गई थी।
जिसके बाद से कई लोगों पर रोजगार का संकट भी आ गया था। स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड की जून 2024 में हुई बैठक में इसके लिए हरी झंडी दी गई थी। विभागीय औपचारिकता पूरी होने के बाद अब इसे लागू किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार हाथी सफारी ढिकाला और बिजरानी, दोनों प्रमुख जोन में शुरू की जाएगी। दोनों जगह सुबह और शाम की शिफ्ट में हाथी सफारी होगी। ढिकाला में 2 हाथियों से सफारी कराई जाएगी और पर्यटकों के लिए दो रूट निर्धारित किए गए हैं। इन रूटों पर सफारी के दौरान पर्यटक रामगंगा नदी, घने जंगल, विशाल ग्रासलैंड और कई वन्यजीवों का बेहद नजदीकी अनुभव ले सकेंगे।
- बिजरानी जोन में 1 हाथी के माध्यम से 2 रूट तय किए गए हैं। यहां भी दो घंटे की सफारी कराई जाएगी।
- हाथी सफारी के टिकट पार्क के रिसेप्शन सेंटर से उपलब्ध होंगे। टिकट वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
- भारतीय पर्यटकों के लिए ₹1000 प्रति व्यक्ति जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए ₹3000 प्रति व्यक्ति शुल्क तय किया गया है।
- एक हाथी में अधिकतम बच्चों के साथ 5 लोग बैठ सकते हैं।
- सफारी की अवधि 2 घंटे निर्धारित की गई है।












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