Uttrakhand news: CM पुष्कर सिंह धामी ने खोला चुनावी पिटारा, तो राज्य कर्मचारी बोले 'वादा निभाओ सरकार'
उत्तराखंड में चुनावी साल मेंं राज्य कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर आंंदोलन की राह पर
देहरादून, 27 अगस्त। चुनावी साल में सीएम पुष्कर सिंह धामी फ्रंटफुट पर बैटिंग कर रहेे हैं। पुष्कर सिंह धामी के चुनावी पिटारे से आए दिन कुछ न कुछ निकल रहा है। इससे राज्य कर्मचारियों की चुनावी साल में लंबित मांगों को पूरा करवाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों ने तो सरकार से वादा निभाओ नारे के साथ आंंदोलन शुरू करने का ऐलान भी कर दिया हैा इसके अलावा उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति और सचिवालय संघ भी कर्मचारियों की पुरानी मांगों पर जल्द निर्णय का दबाव बनाने में जुटे हैं।

ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों का आंदोलन होगा शुरू
एक माह तक राज्य सरकार के किए गए दावे को पूरा न करने के बाद अब ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों ने सरकार को वादा निभाओ आंंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया हैा कार्मिकों की एसीपी की पुरानी व्यवस्था की बहाली और समान काम के लिए समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने पहले ही राज्य सरकार को आंदोलन की चेतावनी दे दी थीा जिसके एक माह गुजर जाने के बाद भी सरकार से सकारात्मक जवाब न मिलने के कारण कर्मचारी आंदोलन की राह पर हैं। ऊर्जा निगमों के इस आंदोलन में करीब 10 हजार कर्मचारी जुड़े हुए हैं। निगम से जुडे कर्मचारियों का आरोप है कि राज्य सरकार ने एक माह के भीतर मांगों पर उचित फैसला लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन जब सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया तो मजबूरन आंदोलन शुरू करना पड़ रहा हैा
कर्मचारियों को अन्य मांगों पर भी सरकार से उम्मीदें
इधर प्रदेश के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर पहले ही सरकार को चेताया है। कर्मचारियों ने उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति का पुनर्गठन कर सरकार के सामने अपनी मांगों लेकर पहले ही छह सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का भी ऐलान भी किया हैा जिन मांगों के बारे में भी सरकार को जल्द विचार करना होगा। समिति ने राज्य कर्मियों, शिक्षकों एवं निगम कर्मियों की पदोन्नति, वेतनमान, गोल्डन कार्ड में विसंगति दूर करने, ग्रेड वेतन, प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने के अलावा वेतन विसंगति समेत दर्जनभर से ज्यादा मांगों को लेकर आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है।
परिवहन मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ भी कर रहा विरोध
परिवहन विभाग के मिनिस्टीरियल संवर्ग में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू न होने के कारण विभागीय कर्मचारियों ने भी आंदोलन शुरू कर दिया हैा परिवहन विभाग के मिनिस्टीरियल संवर्ग के ढांचे के पुनर्गठन होने के बाद से करीब डेढ़ साल बाद भी मामला लटका हुआ है। विभागीय मंत्री के आश्वासन के बाद भी शासन की और से कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
क्या कहते हैं कर्मचारी नेता-
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संरक्षक इंसारुल हक
सरकार ने हमारी मांगों को मानने के लिए एक माह का समय दिया मांगा था। एक माह बीत जाने के बाद अब हम सरकार को वादा निभाओ के नारे के साथ ज्ञापन सौंपने जा रहे हैं। इसके बाद भी अगर हमारी मांगों पर सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो आगे की रणनीति बनाई जा रही हैा
सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी
जब कोई कुछ काम करता है तो उम्मीदेंं बढ़ जाती हैा हम राज्य सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत हैं। पुरानी एसीपी की व्यवस्था लागू करने और पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं।हमें उम्मीद है कि सरकार इन मुद्दों पर भी जल्द फैसला लेगीा
उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के प्रवक्ता अरुण पांडे
राज्य सरकार जिस तरह से कर्मचारी और आम जनता की समस्याओं का समाधान निकालने के प्रयास मेंं जुटी हैा उससे हमारी उम्मीदें राज्य सरकार से बढ़ गई हैा राज्य सरकार से कर्मचारियों की अन्य मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की हैा












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