New year 2024: धाकड़ 'धामी' पर टिकी सभी की निगाहें, जानिए वो 12 बड़े मुद्दे जो तय करेंगे सरकार का भविष्य
CM Pushkar Singh Dhami उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने करीब दो साल के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले और सख्त कदम उठाए है। जिस वजह से पार्टी और प्रदेश में धामी को धाकड़ धामी कहा जा रहा है। जिस पर भाजपा के केद्रीय नेतृत्व ने भी मुहर लगाई है।

अब सबकी निगाहें 2024 पर टिक गई है। ये साल कई मायने में खास है, एक तरफ लोकसभा और निकाय चुनाव दूसरी तरफ यूसीसी, भू कानून, मूल निवास, भ्रष्ट्राचार, अतिक्रमण आदि कई ऐसे मुद्दें हैं, जो कि आने वाले समय में धामी सरकार की दिशा तय कर सकते हैं।
लोकसभा चुनाव सीएम धामी की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा 2024 को लेकर हैं। मोदी और शाह को सीएम धामी से काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि धामी को सीएम बनाने के बाद ही एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ राज्यों में नए चेहरों को मौका दिया गया है। ऐसे में लोकसभा चुनाव में मोदी को तीसरी बार पीएम बनाने की जिम्मेदारी इन्हीं चेहरों पर है। अब उत्तराखंड में भी हैट्रिक लगाकर पांचों सीटें जिताने की जिम्मेदारी धामी पर ही मानी जा रही है।
निकाय चुनाव लोकसभा के आसपास ही निकाय चुनाव होने हैं। जो कि धामी सरकार के दो साल के कार्यकाल का रिजल्ट माने जा रहे हैं। ऐसे में निकाय चुनावों में भाजपा को बढ़त दिलाना और शहर की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने की जिम्मेदारी भी सीएम धामी व उनकी सरकार पर है। निगमों, पालिका, परिषदों में भाजपा के चेहरों को जिताने का भी जिम्मा धामी पर है।
समान नागरिक संहिता दूसरा कार्यकाल मिलने से पहले ही सीएम धामी ने उत्तराखंड में सबसे पहले यूसीसी लागू करने का ऐलान किया था। जिसको लेकर समिति अपना काम कर चुकी है। अब जनवरी में साल के शुरूआत में यूसीसी की रिपोर्ट मिलने की बात सामने आ रही है। सीएम का कहना है कि विशेषज्ञ समिति यूसीसी की रिपोर्ट साल के पहले महीने में ही दे देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार को राज्य में समान कानून लागू करने के लिए विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पास करना है। जो कि धामी सरकार का साल 2024 में सबसे पहला और सबसे धाकड़ निर्णय हो सकता है।
राज्य आंदोलनकारियों के लिए आरक्षण लंबे समय से राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का विधेयक लटका हुआ है। अब धामी सरकार इस पर कदम बढ़ा चुकी है। धामी सरकार विधानसभा के पटल पर रख चुकी है। लेकिन संशोधन के लिए विधेयक प्रवर समिति को भेजना पड़ा। प्रवर समिति अपनी रिपोर्ट स्पीकर को दे चुकी है। अब सबकी नजरें विधेयक के सदन पटल पर पेश होने के दिन पर लगी है। ये निर्णय भी धामी सरकार का सबसे धाकड़ फैसला बन सकता है।
लोकायुक्त की नियुक्ति उत्तराखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट आदेश जारी कर चुकी है, जिसकी समय सीमा निर्धारित की जा चुकी है। लोकायुक्त अब तक भाजपा के ही खंडूरी सरकार में लाया जा सका है, क्या धामी इतिहास रचेंगे इस पर सबकी निगाहें हैं।
भू कानूनःभू कानून को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़कों पर आंदोलन चल रहा है। जिसको लेकर सरकार पर दबाव है। सीएम धामी ने इस पर भी गंभीरता दिखाई है। सीएम धामी के निर्देश पर ही पूर्व सीएस सुभाष कुमार की अध्यक्षता में कमेटी बनी थी। कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को दे चुकी है। अब मुख्यमंत्री ने एसीएस राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है, क्या इसको लेकर कोई बड़ा निर्णय हो सकता है, या फिर मामला ऐसे ही खिंचता रहेगा।
मूल निवासः भू कानून और मूल निवास युवाओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर बड़ा आंदोलन चलाया जा रहा है। जो कि सड़कों पर भी उतर चुका है। देहरादून के बाद अब हल्द्वानी में दूसरा चरण का आंदोलन होगा। उससे पहले सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। हालांकि मुख्यमंत्री के निर्देश पर आदेश जारी हो चुका है कि जिनके पास मूल निवास प्रमाण पत्र है, उनके लिए स्थाई निवास प्रमाण पत्र की बाध्यता नहीं होगी।
कैबिनेट विस्तार सीएम धामी पिछले दो सालों से अधूरी कैबिनेट के साथ सरकार चला रहे हैं। पहले तीन सीटें खाली थी, अब चार हो गई हैं। नए साल में धामी को अपने कैबिनेट विस्तार पर बड़ा फैसला लेना है। इतना ही नहीं इस विस्तार से सभी समीकरणों को संतुलित करने का भी दबाव है। युवाओं और महिलाओं को तरजीह देने के साथ क्षेत्र और जाति समीकरणों को संतुलन कैसे बिठाएंगे। इस पर निगाहें हैं।
वैश्विक निवेशक सम्मेलन धामी सरकार ने वर्तमान बड़े स्तर में वैश्विक निवेशक सम्मेलन किया। जिसकी पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जमकर तारीफ कर चुके हैं। अब नए साल में वैश्विक निवेशक सम्मेलन में किए गए 3.54 लाख करोड़ के एमओयू की ग्राउंडिंग करने की चुनौती है।
2025 में उत्तराखंंड को नशा मुक्त बनाने का धामी सरकार का प्लान है। इसकी ग्राउंडिंग तैयार करने के लिए सरकार के पास ये साल काफी अहम है। पुलिस किस तरह सीएम धामी के इस प्लान पर खरा उतरती है। इसका सबको इंतजार है। नशा उत्तराखंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
2025 तक सशक्त बनाने का सपना पीएम मोदी का उत्तराखंड के रजत जयंती यानि 2025 तक सशक्त बनाने का सपना और देश के अग्रणी राज्यों में उत्तराखंड को लाने का सीएम धामी के लिए इस साल में सबसे बेहतर काम करने की चुनौती है। इसके लिए चार धाम यात्रा, पर्यटन, राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़कें, हवाई यात्रा समेत मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने का भी टारगेट है।
राष्ट्रीय खेल 2024 में राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड को मिली। पहली बार इस बड़े आयोजन को सफल बनाने का दबाव धामी सरकार पर होगा। इसके लिए सरकार अभी से तैयारियों में जुटी है।












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