Uttarakhand राज्य स्थापना दिवस पर कर्मचारियों को मिल सकती है ये सौगात, लंबे समय से है कार्मिकों को इंतजार
Uttarakhand कर्मचारियों के महंगाई भत्ता पर अब तक फैसला नहीं
उत्तराखंड में राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ता, डीए पर अब तक धामी सरकार फैसला नहीं ले पाई है। राज्य कर्मचारियों को धामी सरकार से डीए के रूप में दिवाली का इंतजार था, लेकिन धामी सरकार ने दिवाली पर सिर्फ बोनस की फाइल पर ही मंजूरी दी, जिस कारण डीए पर अब भी मुहर लगना बाकि है। ऐसे में अब कर्मचारियों को राज्य स्थापना दिवस का इंतजार है।

करीब 2 लाख कार्मिकों को महंगाई भत्ता, डीए का अब भी इंतजार
सूत्रों का दावा है कि सरकार राज्य स्थापना दिवस पर कर्मचारियों को ये सौगात दे सकती है। उत्तराखंड के करीब 2 लाख कार्मिकों को महंगाई भत्ता, डीए का अब भी इंतजार है। 9 नवंबर के आसपास डीए जारी होने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य कर्मचारियों को दिवाली बोनस और चार प्रतिशत डीए देने पर सहमति बनी थी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इन दोनों प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया था। लेकिन सीएम धामी ने दिवाली में बोनस की फाइल पर ही मंजूरी दी। अब राज्य स्थापन दिवस पर सीएम कर्मचारियों को सौगात दे सकते हैं। महंगाई भत्ते के भुगतान से राजकोष पर सालाना 576 करोड़ रुपये खर्च बढ़ने की संभावना है। ऐसे में इस वित्तीय भार की सरकार को व्यवस्था करनी है। इधर डीए की फाइल पर सीएम की मंजूरी न मिलने से राज्य कर्मचारियों में रोष है। राज्य कर्मचारी इसे दिवाली में ही पास करने की मांग करते रहे। अब राज्य कर्मचारियों को राज्य स्थापना दिवस का इंतजार है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष, अरुण पांडेय का कहना है कि
वित्त विभाग की और से पत्रावलि सीएम कार्यालय को भेजी जा चुकी है। सीएम साहब इस पर क्यों देरी कर रहे हैं कि ये समझ में नहीं आ रहा है। हालांकि इस बीच सीएम की व्यस्तता अधिक रही और वे बाहर भी रहे हैं। लेकिन अब राज्य स्थापना दिवस का इंतजार क्यों किया जा रहा है। उससे पहले ही डीए पर फैसला हो जाना चाहिए।
राज्य निगम अधिकारी कर्मचारी महासंघ, कार्यकारी अध्यक्ष विजय खाली ने कहा कि
प्रदेश के निगम कार्मिकों पर भी तुरंत डीए का लाभ दिया जाए और इसके लिए एक ही शासनादेश लागू किया जाए। सरकार को दिवाली तक इसका आदेश जारी करना चाहिए था, लेकिन अब तक इसमें देरी हुई है इससे प्रदेश के सभी कार्मिकों में रोष व्याप्त है। सरकार को चाहिए कि तुरंत डीए का आदेश जारी किया जाए। इसके लिए इंतजार सही नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications