Lok sabha election 2024: हरिद्वार सीट पर पिता-पुत्र की दावेदारी से सियासत गरमाई, जानिए क्या है चुनौतियां

उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस समेत सभी सियासी दल तैयारियों में जुट गए हैं। इस बीच टिकट के दावेदार भी किसी न किसी तरह से अपनी दावेदारी सामने रख रहे हैं। प्रदेश में पांच लोकसभा की सीट हैं। लेकिन सबसे ज्यादा जिस सीट की चर्चा होती है, वह है हरिद्वार सीट। जो कि धार्मिक, जातीय और हर समीकरण में काफी अहम हैं।

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इस सीट से कांग्रेस की ओर से पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर नेता हरीश रावत लंबे समय से दावेदारी जता रहे हैं। इस बीच हरिद्वार संसदीय क्षेत्रों में हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत के हरिद्वार लोकसभा सीट पर पोस्टर से सियासी हलचल तेज हो गई है। वीरेंद्र रावत प्रदेश कांग्रेस कमेटी में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। जो कि 2022 के विधानसभा चुनाव में खानपुर सीट से दावेदारी कर चुके हैं।

हरिद्वार ग्रामीण से हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत को टिकट ​मिलने के बाद वीरेंद्र रावत को टिकट नहीं मिला। बता दें कि हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत हरिद्वार ग्रामीण सीट से विधायक का चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थी। अब लोकसभा चुनाव में पिता पुत्र में से पार्टी किसे टिकट देती है। इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

वन इंडिया हिंदी से एक्सक्लूसिव बातचीत में वीरेंद्र रावत ने हरिद्वार सीट पर दावेदारी को लेकर बात की, उन्होंने कहा कि वे खानपुर सीट से ​भी विधानसभा चुनाव में दावेदारी कर चुके हैं। जहां कोरोना काल में उन्होंने निस्वार्थ भाव से ऐसे समय में काम किया जब ​कोई भी बाहर नहीं आता चाहता था। उन्होंने कहा कि वे 1996 से सक्रिय राजनीति में है और लगातार कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं। युवाओं को लोकसभा में टिकट ​देने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी इस बात के पक्षधर हैं कि युवाओं को अधिक भागीदार बनना चाहिए। पिता के साथ उनकी दावेदारी पर उन्होंने कहा कि राजनीति उन्हें विरासत में नहीं मिली है, कहा कि वे भी संघर्ष करके जनता की सेवा कर यहां तक पहुंचे हैं। टिकट को लेकर उन्होंने कहा कि जो केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा, उसी के आधार पर सब काम करेंगे।

बता दें​ कि हरिद्वार सीट पर पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ ही पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह भी दावेदारी जता चुके हैं। ​हरीश रावत 1980 से तीन बार तक अल्मोड़ा सीट से सांसद रहे। 2009 में हरीश रावत हरिद्वार सीट से सांसद बने। इसके बाद 2014 में उनकी पत्नी रेणुका रावत ने यहां से चुनाव लड़ा, लेकिन वह चुनाव हार गई। इसके बाद 2019 में हरीश रावत ने नैनीताल सीट से चुनाव लड़ा और वे बुरी तरह चुनाव हारे। अब हरीश रावत हरिद्वार से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।

एक नजर हरिद्वार लोकसभा सीट पर

अब तक सांसद-

  • 1977- भगवान दास राठौड़ भारतीय लोक दल
  • 1980 -जग पाल सिंह जनता पार्टी (सेकुलर)
  • 1984 -सुंदर लाल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई)
  • 1987 (उपचुनाव)-राम सिंह सैनी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई)
  • 1989- जग पाल सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई)
  • 1991 -राम सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी
  • 1996, 98, 99- हरपाल सिंह साथी भाजपा
  • 2004 -राजेंद्र कुमार बादी समाजवादी पार्टी
  • 2009- हरीश रावत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
  • 2014, 2019 -रमेश पोखरियाल निशंक भाजपा

हरिद्वार लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में चौदह विधानसभा (विधान सभा) क्षेत्र
हरिद्वार

  • भेल रानीपुर
  • भगवानपुर (एससी)
  • हरिद्वार
  • हरद्वार ग्रामीण
  • झबरेड़ा (एससी)
  • ज्वालापुर (एससी)
  • खानपुर
  • लक्सर
  • मंगलौर
  • पिरान कालियार
  • रुड़की

देहरादून

  • धर्मपुर
  • डोईवाला
  • ऋषिकेश
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