Kedarnath upchunv: जीतने के लिए कांग्रेस की धांसू प्लानिंग,दावेदारों की बढ़ी धड़कनें, जानिए किसकी हो रही चर्चा
Kedarnath upchunv 2024: उत्तराखंड में केदारनाथ उपचुनाव का शंखनाद होते ही दावेदारों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। केदारनाथ उपचुनाव कांग्रेस के लिए भी काफी अहम है। बद्रीनाथ व मंगलौर जीतने के बाद कांग्रेस केदारनाथ को जीतकर भाजपा को किसी तरह से पॉलिटिकल प्रेशर देने के मूड में है।
इसके लिए कांग्रेस ने नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। केदारनाथ जीत की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को सौंपी गई है। उनके साथ तीन विधायकों को भी पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को सीनियर ऑब्जर्वर जबकि उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक वीरेंद्र जाति, लखपत बुटोला को भी पर्यवेक्षक बनाया गया है। गणेश गोदियाल को केदारनाथ उपचुनाव की जिम्मेदारी सौंपने के बाद से कांग्रेस के अंदर इसको लेकर भी कई तरह की चर्चा है। माना जा रहा है कि हरीश रावत खेमे के दबाव में ये फैसला लिया गया है।
गणेश गोदियाल को अहम जिम्मेदारी क्यों
गणेश गोदियाल का गढ़वाल सीट पर लोकसभा चुनाव में जिस तरह का प्रभाव नजर आया और गोदियाल की चुनावी रणनीति काफी हद तक कांग्रेस को चुनावी समर में भाजपा को पूरी तरह से फाइट देते हुए नजर आई, उसके बाद से गोदियाल कांग्रेस हाईकमान के काफी भरोसेमंद नजर आ रहे हैं। ऐसे में केदारनाथ जीताने की जिम्मा गोदियाल को दिया गया है।
कौन कौन दावेदार
दावेदारी को लेकर भी कांग्रेस के अंदर कई नाम सामने आ रहे हैं। कांग्रेस में केदारनाथ के अंदर कई मजबूत दावेदारी सामने आ रही है, जिसमें पूर्व मंत्री हरक सिंह के अलावा पूर्व विधायक मनोज रावत का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। माना जा रहा है कि हरीश रावत खेमा यहां पूर्व विधायक मनोज रावत के लिए लॉबिंग में जुटा है। जबकि हरक सिंह भी पूरा जोर लगा रहे हैं।
फिर दिखेगी गुटबाजी
ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस के अंदर एक बार फिर प्रत्याशी को लेकर वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिल रही है। कांग्रेस का अंधरूनी सर्वे भी प्रत्याशी चयन को लेकर पूरा हो चुका है। अब पर्यवेक्षक रिपोर्ट तैयार कर हाईकमान को भेजेंगे, इसके बाद ही प्रत्याशी के नाम पर मुहर लगेगी। जिसमें थोड़ा वक्त लग सकता है।












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