केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से शीतकालीन यात्रा का आगाज, डीएम ने पूजा-भजनों से की शुरुआत
Uttarakhand Kedarnath char dham yatra उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा शुरू हो गई है। केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से इस वर्ष की शीतकालीन यात्रा का भव्य शुभारम्भ किया गया। इस दौरान मंत्रोच्चारण एवं कलश यात्रा के साथ शीतकालीन यात्रा का विधिवत उद्घाटन किया गया।
जिसमें जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने पूजा-अर्चना कर शीतकालीन यात्रा का शुभारम्भ किया। जिलाधिकारी ने सभी श्रद्धालुओं से शीतकाल में भी ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में बाबा के दर्शन करने का आवाहन किया। जिलाधिकारी ने बाबा केदार के भजनों को भी गुनगुनाया और भक्तों के साथ यात्रा में शामिल हुए।

बता दें कि चारों धामों के कपाट बंद होने के बाद राज्य सरकार ने शीतकालीन यात्रा को शुरू किया है। बाबा केदार की डोली 6 माह शीतकाल में ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान रहती है। यहीं भक्तों को 6 माह तक बाबा केदार के दर्शन होंगे। इसके बाद डोली सीजन में केदारनाथ धाम में विराजित रहती हैं।
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध चारधाम में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ हैं। शीतकालीन चार धाम यात्रा के अंतर्गत उत्तरकाशी जिले के खरसाली गांव में मां यमुना की पूजा, मुखवा गांव में मां गंगा की पूजा, रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में बाबा केदार की शीतकालीन पूजा-अर्चना और चमोली में पाण्डूकेश्वर स्थित मंदिर में बदरीनाथ जी की पूजा-अर्चना की जाती है।
सरकार इस बार शीतकालीन यात्रा को बढावा दे रही है। इसके लिए कई योजनाओं को भी लांच किया गया है। गढ़वाल मंडल विकास निगम ने शीतकाल के दौरान यात्रा पर उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली के पूजा स्थलों में आने वाले यात्रियों को उक्त जिलों में निगम के होटलों की वर्तमान आवासीय दरों में 50 फीसदी की छूट दी जाएगी। जीएमवीएन के होटल लगभग हर डेस्टिनेशन पर आसानी से मिल जाते हैं। आने वाले समय में इन जगहों पर पर्यटक बर्फबारी का आनंद भी ले सकते हैं।जो कि जीएमवीएन की वेबसाइट https://gmvnonline.com/ पर आसानी से सारी जानकारी और बुकिंग हो जाती है। इसके साथ ही तीर्थ स्थलों के अलावा पहाड़ों में जो भी घूमने फिरने की जगहें हैं।












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