Kedarnath Dham Portals: शुभ मुहूर्त में खुले बाबा केदारनाथ के कपाट, CM धामी भी रहे मौजूद, 10 बड़ी बातें
Kedarnath Dham Portals: आस्था और श्रद्धा के प्रतीक भगवान केदारनाथ धाम के कपाट आज यानी कि 22 अप्रैल प्रातः 08:00 बजे शुभ मुहूर्त में खोल दिए गए, जिसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया है, अब श्रद्धालुगण आराम से बाबा केदार के दर्शन कर पाएंगे। आपको बता दें कि कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे।
केदारनाथ मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से बेहद भव्य रूप से सजाया गया है। बाबा केदार के दर्शनों के लिए हजारों श्रद्धालु पहले ही यहां पहुंच चुके हैं। भक्तों का उत्साह चरम पर है।

कपाट खुलने से एक दिन पहले, मंगलवार को बाबा केदार की डोली कई पड़ावों से होते हुए मंदिर प्रांगण में पहुंची थी, जिसे देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। आज से शुरू होकर अगले छह महीने तक श्रद्धालु निरंतर केदारनाथ धाम में दर्शन कर सकेंगे।
हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक केदारनाथ धाम
केदारनाथ मंदिर हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है और यह भगवान भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। हर वर्ष सर्दियों के बाद जब हिमालय की वादियों में बर्फ पिघलने लगती है, तब श्रद्धालुओं के लिए केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाते हैं। यह अवसर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का अद्भुत संगम भी दिखाता है।
कपाट खुलने की प्रक्रिया काफी रोचक
कपाट खुलने की प्रक्रिया भी बेहद रोचक और परंपरागत होती है। सर्दियों के दौरान भगवान केदारनाथ की चल विग्रह (उत्सव मूर्ति) को ओंकारेश्वर मंदिर में स्थापित किया जाता है। कपाट खुलने से कुछ दिन पहले यह डोली उखीमठ से केदारनाथ के लिए रवाना होती है। रास्ते में श्रद्धालु डोली का स्वागत करते हैं और भक्ति भाव से झूम उठते हैं। यह यात्रा धार्मिक उत्सव का रूप ले लेती है।
'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजा केदारनाथ धाम
जब डोली केदारनाथ पहुंचती है, तब मंदिर के मुख्य द्वार को विशेष पूजा के बाद खोला जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाते हैं , आज भी जब मंदिर खुला तो चारों ओर 'हर-हर महादेव' का उद्घोष सुनाई दिया, कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की शुरुआत हो जाती है, जो लगभग छह महीने तक जारी रहती है।
समुद्र तल से करीब 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर
केदारनाथ धाम समुद्र तल से करीब 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यहां पहुंचना अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण यात्रा है। कठिन रास्तों और बदलते मौसम के बावजूद हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। यह यात्रा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी व्यक्ति को सशक्त बनाती है।
भाई दूज के दिन बंद होते हैं केदारनाथ के कपाट
कपाट बंद होने की प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। दीपावली के बाद भाई दूज के दिन कपाट बंद कर दिए जाते हैं और भगवान की डोली फिर से उखीमठ लौट जाती है। इस दौरान पूरे क्षेत्र में एक विशेष प्रकार की श्रद्धा और भावुकता देखने को मिलती है।
केदारनाथ धाम यात्रा के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
- बिना रजिस्ट्रेशन के केदारनाथ धाम यात्रा नहीं हो सकती है, इसके लिए सबसे पहले registrationandtouristcare.uk.gov.in वेबसाइट पर लागइन करें।
- आप इसके लिए 'Tourist Care Uttarakhand' ऐप, या WhatsApp (+91 8394833833) का भी प्रयोग कर सकते हैं, ये सर्विस फ्री है।
- सबसे पहले registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाएं और 'Register/Login' पर क्लिक करें।
- अपनी यात्रा की योजना (तारीख, स्थान, यात्रियों की संख्या) की जानकारी भरें।
- तीर्थयात्रियों का नाम, उम्र, मोबाइल नंबर, और एक फोटो अपलोड करें।
- हचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी, आदि) की जानकारी दें।
- पंजीकरण पूरा होने के बाद, यात्रा पंजीकरण पत्र/QR कोड डाउनलोड करें।














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