Uttarakhand: कैंची धाम में ड्रेस कोड लागू, फोटोग्राफी भी बंद, पहले भी इन मंदिरों में लागू हैं ये नियम
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में अब भक्तों को मर्यादित कपड़े पहनकर ही प्रवेश मिलेगा। इसके साथ ही मंदिर के अंदर फोटोग्राफी करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रबंधन की ओर से साइन बोर्ड भी लगाए गए है।
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में अब भक्तों को मर्यादित कपड़े पहनकर ही प्रवेश मिलेगा। इसके साथ ही मंदिर के अंदर फोटोग्राफी करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। मंदिर के अंदर प्रबंधन की ओर से साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं।

उत्तराखंड के नैनीताल से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर 'कैंची धाम' स्थित है। कैंची धाम में ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। मंदिर समिति की ओर से अपील की गई है कि मंदिर में केवल मर्यादित वस्त्र पहनकर ही प्रवेश करें। अमर्यादित कपड़े पहनकर आने श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा मंदिर के अंदर फोटोग्राफी करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
इसे लेकर मंदिर के अंदर साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं। कैंची धाम आश्रम के बाबा नीम करोली महाराज की ख्याति विदेशों तक है। नीम करोली बाबा को उनके भक्त हनुमान जी का अवतार मानते हैं। कैंची धाम में देश विदेश की कई हस्तियां माथा टेकने आती हैं। भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली, फेसबुक से संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और एपल के फाउंडर स्टीव जॉब्स भी उनके भक्त हैं।
कैंची धाम से पहले उत्तराखंड के मंदिरों में ड्रेस कोड लागू हो चुका है। पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की ओर से हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर और ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू किया जा चुका है। मंदिर में लगे बोर्ड में साफ अंकित किया गया है कि हाफ पैंट, फटी जींस, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट पहनकर आने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
मर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों को ही मंदिर में प्रवेश कर दर्शन करने की अनुमति होगी। इसकी पहल अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंंद्रपुरी महाराज ने की थी। श्रीमहंत रविंंद्रपुरी महाराज का कहना है कि मंदिरों में मर्यादा को बनाए रखने के लिए कपड़ों की मर्यादा जरूरी है।












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