Joshimath sinking: प्रभावितों पर आपदा और मौसम की दोहरी मार, कड़ाके की ठंड में भारी बीत रहा समय
जोशीमठ में बारिश और बर्फबारी ने राहत शिविरों में रहने वाले प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। राहत शिविरों में ठंड से बचने के उपाय पूरे नहीं हो पा रहे हैं।

जोशीमठ में भू-धंसाव से प्रभावित लोगों पर आपदा के बाद अब मौसम की मार भी नजर आने लगी है। जिससे प्रभावितों के सामने दोहरी चुनौती है। शुक्रवार को हुई भारी बर्फबारी के बाद प्रभावितों के सामने अब ठंड से बचने की भी मुश्किल खड़ी हो गई है। इसके अलावा मौसम में अभी एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। जो कि 23 से 27 जनवरी तक बर्फबारी की संभावना जताई गई है। ऐसे में आने वाले जोशीमठ के लोगों के लिए फिर से भारी गुजर सकते हैं।
बारिश और बर्फबारी ने प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी
जोशीमठ में भू धंसाव से कई परिवार घरों से दूर रहने को मजबूर है। इसके अलावा लोगों के लिए राहत शिविर में भी ठंड से बचने के पूरे उपाय नहीं है। इस बीच बारिश और बर्फबारी ने राहत शिविरों में रहने वाले प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को पहले पूरे नगर क्षेत्र में बारिश हुई। इसके बाद सुबह 6 बजे बर्फबारी होती रही। इस दौरान 3 से 5 इंच तक बर्फ जम गई थी। बाद में फिर हल्की बारिश और पहाड़ियों में बर्फबारी होती रही। जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इधर राहत शिविरों में ठंड से बचने के उपाय पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
ठंड से बचने के उपाय और अलाव पर जोर देने के निर्देश
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हालात ये हैं कि नगर पालिका के एक हॉल में ही नौ परिवारों के करीब 29 सदस्य रह रहे हैं, जहां एक रूम हीटर की व्यवस्था की गई है। जिससे ठंड से बचने के उपाय पूरे नहीं हैं। ऐसे में सरकार की और से व्यवस्थाएं दुरस्त करने की मांग उठ रही है। राहत शिविर के बाहर अलाव की व्यवस्था की गई है, जिस पर ही पूरे परिवार निर्भर हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अधिकारियों को ठंड से बचने के उपाय और अलाव पर जोर देने के निर्देश दिए हैं। चिंता की बात ये है कि मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे में 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। ऐसे में मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने की पूरी संभावना है। 23 से 26 जनवरी तक मैदान से लेकर पहाड़ तक तेज गर्जना के साथ जोरदार बारिश और बर्फबारी की पूरी संभावना है।












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