Jageshwar Dham भक्तों के बाद अब कर्मचारियों के लिए भी ड्रेस कोड, 100 से ज्यादा छोटे मंदिरों का समूह है धाम
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित जागेश्वर धाम में मंदिर समिति ने अपने कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया है। समिति ने कर्मचारियों के लिए ऑन ड्यूटी नारंगी टी शर्ट और लाल व नीले रंग का ट्रैक शूट पहनना होगा।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित जागेश्वर धाम में मंदिर समिति ने अपने कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया है। समिति ने कर्मचारियों के लिए ऑन ड्यूटी नारंगी टी शर्ट और लाल व नीले रंग का ट्रैक शूट पहनना होगा। जिससे कर्मचारियों की अलग से पहचान होगी।

जागेश्वर धाम उत्तराखंड ही नहीं देश विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष धार्मिक स्थल है। यहां आने वाले भक्तों को होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए मंदिर समिति ने अब एक नया नियम लागू किया है। मंदिर में कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है।
उत्तराखंड के कई मंदिरों में भक्तों के लिए ड्रेस कोड लागू हो चुका है। जिसमें मर्यादित कपड़े पहनने पर ही एंट्री दी जा रही है। जागेश्वर से पहले हाल ही में नैनीताल के कैंची धाम में भी मर्यादित कपड़े पहनकर ही प्रवेश को लेकर बोर्ड लगाए गए। मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने के साथ ही फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
उससे पहले पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की ओर से हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर और ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू किया जा चुका है। इन मंदिरों में साफ निर्देश है कि हाफ पैंट, फटी जींस, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट पहनकर आने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित मंदिर को जागेश्वर धाम के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर भारत के ज्योर्तिलिंगों में से एक माना जाता है। मंदिर के अंदर कई शिलालेख औऱ मूर्तियां मौजूद हैं। मंदिर में शंकर भगवान के नागेश स्वरुप की पूजा की जाती है। देवदार के पेड़ों से घिरा यह मंदिर 100 छोटे- छोटे मंदिरों के समूहों से मिलकर बना है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंदिर में भगवान शिव और सप्त ऋषियों ने तपस्या की शुरुआत की थी। मान्यता है कि इस मंदिर से ही शिव लिंग की पूजा की जाने लगी थी। मंदिर की बनावट केदारनाथ के जैसी है। जागेश्वर धाम में मुख्य तौर पर भगवान शिव, विष्णु, देवी शक्ति और सूर्य देवता की पूजा की जाती है।
जागेश्वर धाम के अंदर के मंदिरों के भी अलग-अलग नाम हैं, दंडेश्वर मंदिर, चंडी-का-मंदिर, जागेश्वर मंदिर, कुबेर मंदिर, मृत्युंजय मंदिर, नंदा देवी या नौ दुर्गा, नवग्रह मंदिर और सूर्य मंदिर यहां के प्रमुख मंदिर हैं। पुष्टि माता और भैरव देवता की भी यहां पूजा की जाती है। दिल्ली से जागेश्वर की दूरी 390 किमी की है।












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