Global Investors Summit 2023: दिल्ली से लेकर लंदन तक रोड शो, 27 नई नीतियां लागू, ये है धामी सरकार की प्लानिंग
उत्तराखंड की धामी सरकार दिसंबर में प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट को लेकर तैयारियों में जुटी है। समिट के सफल आयोजन के लिए सीएम धामी समेत सभी अधिकारी इसके लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। साथ ही निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग तरीके से प्लानिंग में जुटे हैं।

इसी के तहत निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए सीएम धामी लंदन जाएंगे। लंदन में 25 से 28 सितंबर तक पहला रोड शो होगा। जिसमें सीएम धामी के साथ कई आलाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही 16 से 20 अक्तूबर तक दुबई और आबूधाबी में भी रोड शो प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि प्रस्तावित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए प्रदेश सरकार ने 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए समिट से पहले लगभग 25 हजार करोड़ के निवेश को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे पहाड़ों में रोजगार के साधन बढ़ने से पलायन भी रुकेगा।
निवेशकों को आकर्षित करने की शुरूआत 14 सितंबर को दिल्ली में कंर्टेन रेजर से होगी। देश में पहला रोड शो तीन अक्टूबर को दिल्ली में होगा। इसके अलावा अहमदाबाद,चंडीगढ़, मुंबई, बंगलौर, चैन्नई, हैदराबाद में भी रोड शो आयोजित होंगे। इस तरह सरकार की ओर से अब तक ढाई लाख करोड़ के निवेश के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 27 नई नीतियां बनाई गई हैं।
इस बीच सीएम धामी ने देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के लिए आवासीय परियोजनाओं एवं अन्य विषयों पर रियल एस्टेट इन्वेस्टर के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसम्बर 2023 में प्रस्तावित इन्वेस्टर समिट राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। राज्य की आर्थिकी को बढ़ाने में निवेश सम्मेलन अहम भूमिका निभायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले 25 सालों के रोडमैप को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े निवेशकों से लगातार संवाद किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए नई नीतियां बनाई जा रही है। राज्य में उद्योगों के हित में बनाई गई हैं। सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाया जा रहा है। नीतियों के सरलीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट के सबंध में जो भी सुझाव आज प्राप्त हुए हैं, उन सुझावों को आगे की कार्ययोजना में शामिल किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि उद्योग जगत से जुड़े लोगों से समय-समय पर जो सुझाव प्राप्त हुए हैं, उन सुझावों को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाई गई है। जो भी सुझाव प्राप्त हो रहे हैं, उन पर तात्कालिक रूप से जो कार्य हो सकते हैं, वे कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में निवेशकों का रूझान तेजी से बढ़ रहा है। निवेश के लिए देवभूमि उत्तराखण्ड में अनुकूल माहौल है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का राज्य में तेजी से विस्तार हो रहा है। औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का आकर्षण तेजी से राज्य में बढ़ा है।












Click it and Unblock the Notifications