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पूर्व सीएम हरीश रावत इस सीट से चुनाव लड़कर साधेंगे एक साथ कई समीकरण लेकिन आसान नहीं है राह, जानिए कैसे

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देहरादून, 11 ​जनवरी। उत्तराखंड में कांग्रेस चुनाव अभियान समिति की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत के चुनाव लड़ने की तस्वीर साफ होती जा रही है। कुछ दिनों तक हरीश रावत के चुनाव लड़ने पर संशय नजर आ रहा था, लेकिन अब पूर्व सीएम हरीश रावत के कुमाऊं क्षेत्र की डीडीहाट सीट से चुनाव लड़ने की खबरें सामने आ रही है। इसके लिए डीडीहाट से दावेदारी कर रहे कांग्रेसी दावेदारों से भी स​हमति ले ली गई हैं। इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर पार्टी नेतृत्व को भेजा गया है। जिसमें रावत का सर्वसम्मति से डीडीहाट से कांग्रेस प्रत्याशी बनाने का आग्रह किया है। हरीश रावत डीडीहाट सीट से चुनाव लड़कर एक साथ कई समीकरणों को साधने की कोशिश करेंगे। पहला जो उन पर कुमाऊं से पलायन का आरोप लगता है, दूसरा डीडीहाट सीट पर उत्तराखंड बनने के बाद से भाजपा का ही कब्जा रहा है। ऐसे में हरीश रावत एक ऐसी सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे, जो कि सबसे टफ सीट मानी जाती है। इससे आसपास की 10 से 12 सीटों पर भी हरीश रावत अपना दमखम दिखा पाएंगे।

Former CM Harish Rawat will fight the election from this seat and make many equations together but the path is not easy, know how

डीडीहाट भाजपा का गढ़
पूर्व सीएम हरीश रावत इस बार कांग्रेस कैंपेन को लीड कर रहे हैं। हालांकि पार्टी ने उन्हें सीएम कैंडिडेट डिक्लेयर नहीं किया है। लेकिन वे पार्टी के चेहरे के तौर पर चुनाव में जा रहे हैं। मीडिया सर्वे में भी हरीश रावत की लोकप्रियता सबसे नंबर 1 बनी हुई है। ऐसे में हरीश रावत की कांग्रेस की नैया पार करने वाले नेता माने जा रहे हैं। ​हरीश रावत के चुनाव लड़ाने की भी लगातार कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं। हर कोई अपने विधानसभा क्षेत्र से हरीश रावत को प्रत्याशी बनाने में जुटे हैं। लेकिन अब हरीश रावत के डीडीहाट से प्रत्याशी बनाने की तैयारी चल रही है। इसके पीछे विपक्ष का हरीश रावत पर पलायन करने का आरोप का जबाव भी दिया जा सकेगा। हरीश रावत 2014 में कुमाऊं की धारचूला सीट से उपचुनाव जीतकर आए थे, लेकिन 2017 में वे किच्छा और हरिद्वार ग्रामीण दो सीटों से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। ये दोनों सीटे तराई सीट हैं। इस वजह से विपक्ष को उन पर हमला होने का मौका मिल गया।

दावेदारों ने दी सहमति

मंगलवार को डीडीहाट के कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश द्विवेदी की अध्यक्षता में लोनिवि विश्राम गृह में बैठक हुई। इस दौरान डीडीहाट से चुनावी ताल ठोक रहे कांग्रेस के प्रमुख सभी दावेदार प्रदीप पाल, रमेश कापड़ी, रेवती जोशी, हिमांशु ओझा, दामोदर भट्ट, राजेंद्र बोरा और खीमराज जोशी के साथ घटक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल रहे। एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में सभी दावेदारों ने पूर्व सीएम हरीश रावत को डीडीहाट से चुनावी मैदान में उतारने पर अपनी सहमति जताई। प्रस्ताव तैयार कर आलाकमान को भेजा गया। दावेदारों ने एक स्वर में कहा उनके यहां से चुनावी मैदान में उतरने से इस सीट पर 25 सालों से काबिज भाजपा को आसानी से बाहर किया जा सकेगा। निश्चित तौर पर उनके नेतृत्व में इस सीट के साथ ही जनपद और कुमाऊं की अन्य सीटों पर कांग्रेस अपना परचम लहराएगी। डीडीहाट विधानसभा में 25 सालों से बीजेपी के कैबिनेट मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता बिशन सिंह चुफाल जीतते आए हैं। उत्तराखंड बनने के बाद कांग्रेस को डीडीहाट में कभी भी जीत नसीब नहीं हुई है।

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English summary
Former CM Harish Rawat will fight the election from this seat and make many equations together but the path is not easy, know how
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