फ्लैशबैक 2021: नई खेल नीति से उत्तराखंड के खिलाड़ियों को संंसाधन, सम्मान और रोजगार की जगी आस
नई खेल नीति लागू, सरकार का रोजगार और सम्मान का दावा
देहरादून, 23 दिसंबर। वर्ष 2021 प्रदेश के युवा, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए खास सौगात लेकर आया। राज्य की धामी सरकार ने नई खेल नीति लागू कर दी। ऐसे में खिलाड़ियों को उत्तराखंड में आने वाले समय में बेहतर सुविधाएं और संसाधन की उम्मीद है। सरकारी नौकरी और सम्मान से भी खिलाड़ियों का प्रोत्साहन बढ़ेगा। ये सरकार दावा कर रही हैा ऐसे में आने वाले समय में उत्तराखंड के खिलाडियों का भविष्य बेहतर होने की आस जगी हैा

उत्तराखंड के युवा कर चुके हैं अंतराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन
पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद से खेल जगत से जुड़े लोग खेल नीति की मांग करते आ रहे हैं। इसके पीछे उत्तराखंड में खेलों को लेकर सुविधाओं का अभाव और खिलाड़ियों को सम्मान न मिलना माना जाता रहा है। उत्तराखंड के युवा राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन कर चुके हैं। हरिद्वार की वंदना कटारिया ने टोक्यो ओलंपिक में हैट्रिक लगाकर पहली भारतीय महिला होने का खिताब अपने नाम कर इतिहास रचा है। ऐसे में 2021 खेल प्रेमियों के लिए उत्तराखंड के इतिहास में खास हो गया है। राज्य सरकार का दावा है कि नई खेल नीति के बाद खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में भी खास प्रावधान मिलेगा। जिसमें ओलंपिक खेल में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी को समूह ख पद (ग्रेड पे-5400) पर नियुक्ति दी जाएगी। जबकि ओलंपिक खेल में प्रतिभाग, विश्व चैंपियनशिप, विश्वकप, एशियन खेल एवं राष्ट्रमंडल खेल के पदक विजेता खिलाड़ी को ग्रेड पे-4600 एवं 4800 के सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दी जाएगी। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत आठ से 14 साल तक के खिलाड़ियों को शारीरिक टेस्ट और दक्षता के आधार पर हर महीने 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सैफ खेल व राष्ट्रीय खेल में पदक विजेता खिलाड़ियों, एशियन खेल, राष्ट्रमंडल खेल, मान्यता प्राप्त खेल संघों की ओर से आयोजित विश्व चैंपियनशिप, विश्वकप के प्रतिभागियों, एशियन चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप के पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी खेल प्रतिस्पर्धा के स्तर एवं उसकी महत्ता के अनुसार विभागों के चिह्नित समूह ग के पदों पर नियुक्ति दी जाएगी। प्रदेश के 14 से 23 साल तक के मेधावी खिलाड़ियों को खेल संबंधी जरूरतों के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। हर साल 2,600 खिलाड़ियों को दो हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी। प्रदेश के खिलाड़ियों को शैक्षणिक, तकनीकी संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए पांच फीसदी खेल कोटा दिया जाएगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री खेल विकास निधि की भी स्थापना की जाएगी। कैबिनेट ने नवंबर में हुई बैठक में राज्य की नई खेल नीति को मंजूरी प्रदान की थी। अब इसका शासनादेश जारी हो गया है।
खेल नीति 2021 के मुख्य अंश -
- खेल प्रतिभाओं को आरम्भिक आयु 08 वर्ष से ही पहचानने और उनको तराशने के लिए प्रतिभा श्रृंखला विकास योजना PSAT (Physical and Sports Aptitude Test) को लागू किया जायेगा।
- उच्च प्राथमिकता वाले खेलों के लिए Center Of Excellence स्थापित किये जाएंगे।
- मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना राज्य के उदीयमान खिलाडियों को प्रतिवर्ष आवश्यक बैड़ी टेस्ट और उसकी दक्षता की मैरिट के आधार पर 08 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु के बालक-बालिकाओं प्रति जनपद 150-150 प्रति जनपद अर्थात पूरे राज्य में 1950 बालकों एवं 1950 बालिकाओं कुल 3900
- उदीयमान खिलाडियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना अन्तर्गत धनराशि 1500 रुपए प्रतिमाह उपलब्ध करायी जाएगी।
- राज्य के प्रतिभावान खिलाडियों को उनकी खेल सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति से उन्हें खेलों में और अधिक मनोयोग से प्रतिभाग करने के लिए 14 वर्ष से 23 वर्ष तक की आयु के प्रतिभावान खिलाड़ियों को जनपद स्तर पर छात्रवृत्ति, खेल किट, ट्रैकसूट और खेल संबंधी अन्य उपस्कर आदि उपलब्ध कराये जाएंगे।
- प्रतिवर्ष यह सुविधा प्रति जनपद 100-100 ( कुल 2600) प्रतिभावान बालक-बालिकाओं को प्रति खिलाड़ी 2 हजार रुपए प्रतिमाह की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जायेगी। साथ ही खेल उपस्कर के लिए प्रतिवर्ष धनराशि 10 हजार रुपए की सीमा तक मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन कार्यक्रम अन्तर्गत उपलब्ध करायी जाएगी।
- खिलाड़ियों को नियुक्ति- राज्य की सेवाओं में उच्च स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को समूह ख और ग में चयनित विभागों के चयनित पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया का सरलीकरण किया जायेगा।
- मेजर ध्यानचंद निजी क्षेत्र खेल प्रतिभागिता प्रोत्साहन कोष की स्थापना राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र द्वारा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, खेल अकादमी, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मेजर ध्यानचंद निजी क्षेत्र खेल प्रतिभागिता प्रोत्साहन कोष की स्थापना की जाएगी।
- खिलाड़ियों के पुरस्कार राशि में 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत की वृद्धि प्रतिवर्ष पदक विजेता खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार की धनराशि में प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी।
- खिलाड़ियों के लिए दुर्घटना बीमा एवं आर्थिक सहायता। राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रशिक्षण और राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के समय होने वाली खेल दुर्घटनाओं के लिए खेल इन्जरी












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