उत्तराखंड के इन मंदिरों में लागू हुआ ड्रेस कोड, जानिए क्या पहनावे के साथ ही कर पाएंगे दर्शन
हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर और ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। हाफ पैंट, फटी जींस, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट पहनकर आने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा।

उत्तराखंड में अब मंदिरों में ड्रेस कोड का मुद्दा गरमा गया है। पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की ओर से हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर और ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। मंदिर परिसर में इसको लेकर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैंं। साथ ही सभी से ऐसे परिधानों को पहनकर ही दर्शन करने की बात की जा रही है।
मर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों को ही दर्शन की अनुमति
खास बात ये है कि जिन परिधानों को पहनकर नहीं आ सकते। उनके नाम तक अंकित किए गए हैं। इसमें लिखा गया है कि हाफ पैंट, फटी जींस, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट पहनकर आने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। मर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों को ही मंदिर में प्रवेश कर दर्शन करने की अनुमति होगी। इस तरह से ये गाइडलाइन सभी भक्तों को फॉलो करने को कहा जा रहा है।
मंदिरों में मर्यादा को बनाए रखने के लिए कपड़ों की मर्यादा जरूरी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंंद्रपुरी महाराज ने कुछ दिन पहले मंदिरों में अमर्यादित कपड़े पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध लगाने की बात की थी। श्रीमहंत रविंंद्रपुरी महाराज का कहना है कि मंदिरों में मर्यादा को बनाए रखने के लिए कपड़ों की मर्यादा जरूरी है। अब दोनों मंदिरों में ड्रेस कोड को लागू करते हुए बैनर लगा दिए गए हैं। महिला हो या पुरुष अब अमर्यादित कपड़ों में इन मंदिरों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि श्रद्धालुओं के शरीर 80 फीसदी तक ढके होने चाहिए। कहा कि देश के अधिकांश मंदिर चाहे वह संतों के हो या फिर अन्य कमेटी, सरकार के ट्रस्ट के अधीन हो सभी ने इस फैसले का स्वागत किया है। बताया कि दक्षिण भारत के कई मंदिरों में ड्रेस कोड पहले से लागू है। उत्तराखंड तीर्थों का प्रदेश है यहां भी इसकी जरूरत थी।
मंदिर में इन परिधानों के साथ नो एंट्री
- हाफ पैंट
- फटी जींस
- मिनी स्कर्ट
- नाइट सूट












Click it and Unblock the Notifications