Dehradun News: 12 लाख से ज्यादा वाहन रजिस्टर और भी समस्याएं, ट्रैफिक को सुधारने के लिए क्या उठाए जाएंगे कदम
Dehradun traffic news: देहरादून की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस महकमे ने एक बार फिर पहल की है। पुलिस मुख्यालय ने जनपद पुलिस और आलाअधिकारियों के साथ मिलकर ट्रैफिक की समस्या का समाधान तलाशने के लिए कुछ जरुरी बिंदुओं पर फोकस किया है।
जिसमें पुलिसकर्मियों की कमी और संसाधनों को लेकर भी चर्चा की गई है। दून पुलिस ने आंकड़े प्रस्तुत करने के साथ ही बताया कि जिले में 12 लाख वाहन रजिस्टर है, ऐसे में किस तरह ट्रैफिक की समस्या पर काम हो सकता है। इसके लिए पीएचक्यू से जरुरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

दून पुलिस के आंकड़े-
- सीओ ट्रैफिक ने बताया कि 03 इंटरसेप्टर वाहन, 03 हाइवे पेट्रोल, 02 बुलेट इंटरसेप्टर मोटर साइकिल, 26 मोटरसाइकिल, 03 स्पीड रडार गन, 70 एल्कोमीटर, 345 ई-चालान मशीन, 62 बॉडी वार्न कैमरा और 5 हैंडीकैम कैमरे उपलब्ध है।
- वर्ष 2017 में यातायात व्यवस्था के लिए 411 पुलिस कर्मी नियुक्त थे, जिनकी संख्या वर्तमान में केवल 269 है। फोर्स की कमी के कारण विकासनगर, मसूरी आदि क्षेत्रों में यातायात पुलिस कर्मी की नियुक्ति नही की गई है।
- वर्ष 2024 में 4145 जूलुस, रैली व धरना प्रदर्शन तथा 38 मेले, त्यौहारों का आयोजन हुआ, जबकि इस वर्ष अब तक 2653 जूलुस, रैली व धरना प्रदर्शन तथा 32 मेले, त्यौहारों का आयोजन किया गया है।
- वर्ष 2024 में जनपद में 04 वीवीआईपी तथा 2825 वीआईपी भ्रमण कार्यक्रम हुए, जबकि वर्ष 2025 में अब तक 06 वीवीआईपी और 2575 वीआईपी भ्रमण कार्यक्रम सम्पादित किये गये है।
- जनपद में 20 बॉटल नेक्स को पुलिस द्वारा चिन्हित किया गया है, जहां यातायात व्यवस्था के संचालन हेतु अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता है।
- यातायात व्यवस्था में सुधार हेतु जनपद पुलिस द्वारा नगर क्षेत्र के 12 मुख्य मार्गो पर फड, ठेलियों को प्रतिबन्धित करने हेतु नगर निगम से नो-वेन्डिंग जोन घोषित कराया गया है।
- इसके अतिरिक्त मसूरी विकास प्राधिकरण के साथ मिलकर 241 पार्किंग स्थल को भी चिन्हित कर उक्त पार्किंग का आमजनों हेतु प्रयोगार्थ कार्यवाही चल रही है।
- पुलिस द्वारा यातयात नियमों का उल्लंघन में विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष दो से तीन गुनी अधिक कार्यवाही की गई, जिसका परिणाम सड़क दुर्घटनाओ में आयी 18 प्रतिशत की कमी के रूप में परिलक्षित हुआ है।
क्या उठाए जाएंगे कदम-
- सडक दुर्घटनाओं में प्रभावी अकुंश लगाने के लिये ड्रंक एंड ड्राइव तथा ओवर स्पीडिंग के विरूद्व कार्यवाही का दायरा बढ़ाते हुए और अधिक प्रभावी कार्यवाही की जाये, इसके लिये स्थानीय थाना पुलिस के अलावा ट्रैफिक पुलिस की स्पेशल फलाइंग स्क्वाड बनायी जाये।
- सभी थाना क्षेत्रों में यातायात के दबाव वाले मार्गाे पर पीक आवर्स के दौरान थाना प्रभारी स्वंय भ्रमणशील रहकर यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित करें
- यदि किसी थाना क्षेत्र में अनावश्यक रूप से यातायात बाधित होता है तो उसकी जिम्मेदारी सम्बन्धित थाना प्रभारी की होगी।
- ऐसे प्रतिष्ठान जिनके द्वारा अपनी बेसमेंट पार्किंग का उपयोग गोदाम अथवा अन्य प्रयोजन के लिये किया जा रहा है, ऐसे प्रतिष्ठानों को चिह्रित करते हुए बेसमेंट पार्किंग को सुचारू करवाया जाये।
- नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठान संचालकों/स्वामी के विरूद्व सम्बन्धित विभाग से समन्वय स्थापित कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
- बोटलनेक प्वाइंटस पर यातायात के दबाव को कम करने के लिये आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की जाये तथा मार्गो पर नो-पार्किंग जोन में खडे वाहनों के विरूद्व चलानी कार्यवाही के साथ क्रेन के माध्यम से टोइंग की कार्यवाही नियमित रूप से की जाये।
- रैलियों, जूलुसो व अन्य आयोजनों की रियल टाइम अपडेट को सोशल मीडिया, एफएम रेडियो व मीडिया के माध्यम से आमजन के बीच प्रचारित/प्रसारित किया जाये।
- आन्तरिक मार्गो पर पीडब्लूडी/यूपीसीएल/गेल/जल संस्थान आदि विभागो द्वारा भी अलग-अलग समयों पर किये जा रहे निमार्ण कार्यो के सम्बंध में सम्बन्घित विभागो से समन्वय आपसी कोर्डिनेशन के साथ केवल रात्री के समय ही अनमति प्रदान करना सुनिश्चित किया जाये।












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