Uttarakhand: Congress की कलह खुलकर आई सामने, कांग्रेस के विधायक ने धामी सरकार का इस मामले में किया समर्थन
उत्तराखंड में अल्मोड़ा के द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट ने अवैध मजारों पर सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुहिम का समर्थन कर पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है।

उत्तराखंड कांग्रेस में कई दिनों से चल रही कलह अब खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस के विधायक ही अब संगठन के सामने ही चुनौती खड़ी कर रही है। अबकी बार तो पार्टी विधायक के एक कदम से असहज महसूस कर रही है। अल्मोड़ा के द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट ने अवैध मजारों पर सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुहिम का समर्थन कर पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है।
मजारों को हटाने की मुहिम का समर्थन
मदन बिष्ट ने अतिक्रमण कर बनाई गईं मजारों को हटाने की मुहिम का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि यह फैसला सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी सही है। इतना ही नहीं उन्होंने कांग्रेस पार्टी को भी आड़े हाथ लिया है, उनके अनुसार बड़े नेताओं ने पार्टी का बंटाधार कर दिया। अब कोई कांग्रेस संगठन से नहीं जुड़ना चाहता है।
कांग्रेस ने भाजपा के हिंदुत्व के एजेंडे का विरोध किया
उत्तराखंड में कांग्रेस ने भाजपा के हिंदुत्व के एजेंडे का विरोध किया है। इतना ही नहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की ओर से चिट्ठी जारी की गई है। मुख्यमंत्री सहित भाजपा नेताओं ने सरकारी भूमि पर अवैध धार्मिक स्थलों खासकर मजारों को लेकर अभियान छेड़ रखा है। इतना ही नहीं बीते दिनों कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं को भी मीडिया में इस मुद्दे पर किसी तरह की बयानबाजी और कार्यक्रमों से दूर रहने के निर्देश जारी किए।
पार्टी के लिए नई चुनौती
लेकिन पार्टी के अंदर ही इस बात को लेकर विरोध होने लगा है। अवैध मजारों को लेकर कांग्रेस पार्टी बंटी हुई नजर आ रही है। एक तरफ प्रदेश नेतृत्व इसको लेकर भाजपा के विरोध में है तो दूसरी तरफ पार्टी के विधायक खुलकर इसको लेकर धामी सरकार का समर्थन करते हुए नजर आ रहे हैं। जिससे आने वाले दिनों में पार्टी के लिए नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
अतिक्रमण कर बन रही मजारों को लेकर जमकर बवाल
बीते दिनों से उत्तराखंड की सियासत में अतिक्रमण कर बन रही मजारों को लेकर जमकर बवाल हो रहा है। प्रदेश की धामी सरकार इस मामले में सख्त कदम उठाने की बात कर रही है तो कांग्रेस इसे हिंदुत्व से जोड़ने में जुटी है। सरकार ने ऐसे अतिक्रमणों को खुद ही हटाने की चेतावनी जारी की है। बताया जा रहा है राज्य सरकार की और से कराए गए सर्वे में ये बात सामने आई है कि जंगल की भूमि पर कब्जा कर एक हजार से ज्यादा मजारें बनाई गई है।
पिछले 15-20 वर्षों में इस तरह के अतिक्रमण की संख्या तेजी से बढ़ी
पिछले 15-20 वर्षों में इस तरह के अतिक्रमण की संख्या तेजी से बढ़ी पिछले वर्ष अप्रैल में राज्य सरकार के सम्मुख एक बार आई कि तराई और भाबर क्षेत्र के जंगलों में पिछले 15-20 वर्षों में इस तरह के अतिक्रमण की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके बाद सरकार ने जून में वन विभाग को सर्वे कराकर राज्य के जंगलों में स्थित धार्मिक स्थलों के संबंध में रिपोर्ट मांगी। जिसमें वन क्षेत्रों में इस तरह की बात सामने आई कि जंगल में इस तरह मजारें बनाई गई है। जिससे देवभूमि में इस तरह के मामलों से राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ गई है। ये मामला पूरे सोशल मीडिया और देशभर में कई दिनों से सुर्खियों में है। इस मामले को लेकर भाजपा कांग्रेस भी आमने सामने आ चुकी है। लेकिन अब कांग्रेस विधायक के इस तरह भाजपा सरकार का इस मामले में खुलकर समर्थन करना कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ा कर रहा है।
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