सार्वजनिक मंच से सीएम धामी ने कर दी कुछ ऐसी बात, जिसके तलाशे जाने लगे सियासी मायने, जानिए क्या कहा
सीएम धामी ने अपने चुनाव लड़ने को लेकर कुछ संकेत दिए
देहरादून, 7 अप्रैल। हाईकमान से मुलाकात के बाद देहरादून आकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने चुनाव लड़ने को लेकर कुछ संकेत दिए हैं। जिसके बाद से धामी के उपचुनाव को लेकर कयास लगाए जाने लगे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को भाजपा के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मंच से संबोधित करते हुए कहा कि वे 22 साल से कैंट विधानसभा में रह रहे हैं। धामी के इस बयान के बाद अब उपचुनाव को लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं।
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भाजपा का पुराना गढ़ है कैंट सीट
सीएम पुष्कर सिंह धामी को 6 माह में उपचुनाव जीतकर विधायक बनकर अपना 5 साल का कार्यकाल सुरक्षित करना है। जिसके लिए सुरक्षित सीट की तलाश जारी है। सीएम धामी के कैंट से अपना लगाव दिखाना इस बात का संकेत दे रहा है कि धामी के लिए कैंट भी एक मजबूत विकल्प हो सकता है। यह सीट भाजपा का पुराना गढ़ रहा है। कैंट सीट पर हरबंस कपूर 8 बार विधायक चुनकर आए। चुनाव से ठीक पहले हरबंश कपूर के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने उनकी पत्नी सविता कपूर को टिकट दिया। वो चुनाव जीत गई। लेकिन सविता कपूर उम्र के जिस पड़ाव में हैं, वहां उनके लंबा राजनीतिक पारी खेलनी मुश्किल है। यह सीट भाजपा का गढ़ है। ऐसे में धामी देहरादून आकर इसे आगे बढ़ाना चाहेंगे।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा स्थापना दिवस के कार्यक्रम में मंच से कहा है कि उन्हें कैंट विधानसभा में रहते 22 साल हो गए हैं। इस बयान के अब सियासी मायने तलाशे जाने लगे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद सीएम धामी का ये दूसरी विधानसभा का कार्यक्रम रहा है। इससे पहले धामी चंपावत विधानसभा में हुए कार्यक्रम को संबोधित कर वहां भी धामी चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर हाईकमान के निर्देश के बाद ही चुनाव लड़ने की बात कर चुके हैं। अब हाईकमान से मिलने के बाद धामी का ये बयान काफी वायरल हो रहा है।

चंपावत के विधायक ने भी मंच से की है अपील
बीते दिनों मुख्यमंत्री के चंपावत में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद स्थानीय विधायक ने सीएम को चुनाव लड़ने का अनुरोध किया। जिसके बाद सीएम के चंपावत से चुनाव लड़ने की खबरों को लेकर चर्चा शुरु हो गई है। हालांकि सीएम धामी ने कहा है कि हाईकमान उप चुनाव लड़ाने को लेकर अंतिम फैसला लेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत से उपचुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर भी की है। चंपावत से चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा शुरू हो रही है। सबसे पहले विधायकों में चंपावत से विधायक कैलाश गहतोड़ी ने ही सीएम के लिए सीट छोड़ने का ऐलान किया था। जिसके बाद चंपावत पहुंचने पर सीएम के चुनाव लड़ने की खबरें उठने लगी हैं।

सीएम के लिए सबसे सुरक्षित सीट तलाशी जा रही
डीडीहाट से विधायक बिशन सिंह चुफाल के सीट न छोड़ने और मंत्री न बनाए जाने से नाराजगी के चलते पार्टी को अब मुख्यमंत्री के लिए सबसे सुरक्षित सीट तलाशनी है। खुद मुख्यमंत्री भी चाहते हैं कि उनके लिए इस समय सबसे सुरक्षित सीट ही एक मात्र विकल्प है। मुख्यमंत्री के लिए चंपावत, जागेश्वर, रूड़की समेत 6 विधायक सीट छोड़ने का अनुरोध कर चुके हैं। लेकिन सीएम के लिए सबसे सुरक्षित सीट तलाशी जा रही है। ऐसे में कैंट सीट सबसे आसान सीट लग रही है। जो कि मैदानी सीट है। इस सीट पर पंजाबी समुदाय के साथ ही पहाड़ी और व्यापारी वोटर भी हैं। जो कि भाजपा के लिए आसान सीट हो सकती हैं।












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