किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं, झूठे और अवैध दावों पर लगेगी रोक Waqf Amendment Bill पर CM धामी ने कही ये बात
Waqf Amendment Bill: वक्फ़ संशोधन विधेयक संसद से पास हो गया है। अब विधेयक पर राष्ट्रपति की मुहर लगेगी। जिसके बाद ये विधेयक कानून का रूप लेगा। वक्फ़ संशोधन विधेयक के संसद से पास होने पर सभी दलों और नेताओं ने अपने अपने तरीके से इस पर अपनी राय रखी है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि यह विधेयक पारदर्शिता, न्याय और सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन और न्यायिक सुधारों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता, कानूनी स्पष्टता और न्यायिक संतुलन स्थापित करना है। उन्होंने आगे लिखा कि यह विधेयक किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए लाया गया है। इसके लागू होने से झूठे और अवैध दावों पर रोक लगेगी, जिससे भूमि एवं संपत्ति से जुड़े विवादों का निष्पक्ष समाधान हो सकेगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग न हो और वे समाज के व्यापक हित में उपयोग की जाएं।
उधर भाजपा ने वक्फ संशोधन बिल के संसद से पारित होने पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इस बिल के अस्तित्व में आने के बाद राज्य में सभी तरह के अवैध कब्जों पर जारी हमारी कार्रवाई अधिक तेज होगी। प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि वक्फ बोर्ड के असीमित अधिकारों को सीमित करते हुए, संविधान के दायरे में लाना जरूरी था। क्योंकि कांग्रेस की सरकारों ने वोट बैंक के लालच में वक्फ कानून को जमीन अधिग्रहण का एक काकस तैयार कर दिया था।
भाजपा सरकार ने इस कानून में संशोधन कर इसे पुनः संविधान के दायरे में ला दिया है। अब इनके किसी भी जमीन कर हाथ रखने से उनकी संपति नहीं होगी। पीड़ित न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। कांग्रेस सरकार ने ये अधिकार भी आम लोगों से छीन लिया था।
उन्होंने कहा कि संसद में इस मुद्दे पर हुई लंबी बहस के बाद स्पष्ट हो गया कि कौन गरीब मुस्लिम पसमांदा समाज का कल्याण चाहता है। क्योंकि अमूमन देखा गया है कि वक्फ की अधिकांश जमीनों पर उनके ही अधिकारियों ने कब्जा किया हुआ है या ख़ुदबुर्द किया है। जबकि दान में दी गई जमीनों और संपति को गरीब और जरूरतंद मुस्लिमों को दी जानी थी। भाजपा सरकार ने वक्फ बोर्ड के पीड़ितों और उसके असली लाभार्थियों की मदद के लिए यह संशोधन लेकर आई है। जिसकी चारों और समाज के सभी वर्गों में जबरदस्त प्रशंसा हो रही है। महज
चन्द मुस्लिम समाज के ठेकेदार विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कानून के अस्तित्व में आने के बाद देवभूमि में भी पहले से जारी अवैध कब्जों को खाली करने की हमारी कार्रवाई अधिक तेज हो जाएगी। धामी सरकार देवभूमि के स्वरूप और डेमोग्राफी बनाए रखने के लिए अवैध धार्मिक स्थलों, मजार और मदरसों पर पहले ही कठोर कार्रवाई कर रही है। ऐसे में अब नए वक्फ कानून के लागू होने से प्रदेश सरकार को भी इस दिशा में अपने प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। जहां तक विपक्ष के आरोपों की बात है तो उनका वोट बैंक के लालच में किया ये विरोध कभी फलने वाला नहीं है। क्योंकि कुछ समय बाद, इस कानून का लाभ गरीब पसमांदा मुस्लिम समाज को मिलना शुरू हो जाएगा और कांग्रेसी तुष्टिकरण का गुब्बारा फट जाएगा।












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