पौड़ी जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुंचे सीएम धामी, आपदा प्रभावितों को ढाँढस बंधाया, दी राहत राशि

दो दिन तक उत्तरकाशी के धराली गांव में आई आपदा की मॉनिटरिंग और ग्राउंड जीरो पर काम करने के बाद आज सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जिले में आई आपदा को लेकर आपदाग्रस्त क्षेत्र सैंजी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित ग्रामीणों से उनका हालचाल जाना एवं आपदा से हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में प्रभावितों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की कमी न हो। इससे पूर्व उन्होंने हेलीकाप्टर से थलीसैंण तहसील के बांकुड़ा सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे भी किया।

CM pushkar Dhami reached disaster-affected area Pauri district consoled disaster affected people

मुख्यमंत्री ने नौठा में बुराँसी के आपदा प्रभावित और अन्य ग्रामीणों से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बुराँसी के पांच आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चेक भी दिये। मुख्यमंत्री ने सैंजी गांव में क्षतिग्रस्त रास्ते से गुजरते हुए आपदा प्रभावित परिवारों के घर जाकर उनसे मुलाकात की तथा आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। इस दौरान प्रभावित परिवारों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और त्वरित गति से राहत कार्य हेतु उनका आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री प्रभावितों के ढाँढस बंधाया और कहा कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी खुद को अकेला न समझे, उन्होंने कहा पूरा राज्य पीड़ितों के साथ खड़ा है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि प्रभावितों के पुनर्वास एवं विस्थापन की कार्यवाही त्वरित गति से की जाय।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से हुई क्षति का आकलन करवाए जाने के साथ सर्वप्रथम ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाय। उन्होंने कहा कि राहत केंद्रों में बिजली, पानी, शौचालय, दवाई, राशन की पर्याप्त व्यवस्था की जाय। साथ ही उन्होंने वाडिया इंस्टीट्यूट के माध्यम से सर्वे करने के भी निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट्स तैनात की जाए। ताकि बीमार, वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों तथा विशेष रूप से प्रभावित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श और उपचार समय से मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार किट और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए।

कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि पुनर्वास के लिए एक समिति बनाई जाए। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के दुकानों मकानों को क्षति पहुंची है, उनके लिए प्राथमिकता से प्रयास किए जाएं।

जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि क्षेत्र में प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर ली गई है और तथा राहत सामग्री और धनराशि वितरित की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि हर गांव तक प्रशासन की टीम पहुंच रही है और किसी को भी राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आपदाग्रस्त क्षेत्र के भ्रमण के दौरान आपदा के कारण पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त ग्राम सैंजी के 15 परिवारों/भवन स्वामियों - प्रभा देवी, नीलम सिंह भण्डारी, भगत सिंह भण्डारी, पवन सिंह भण्डारी, विमला देवी, शाखा देवी, पवेली देवी, विमल सिंह, दीवान सिंह, रविन्द्र सिंह, जसवंत सिंह, गोपाल सिंह, मनोज सिंह, कृपाल सिंह एवं हेमराज सिंह कोराज्य आपदा मोचन निधि से प्रति भवन स्वामी एक लाख 30 हजार की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिसे संबंधित परिवारों को चेक के माध्यम से प्रदान किया गया।

वहीं ग्राम बुरांसी में आपदा के कारण जान गंवाने वाली महिला आशा देवी पत्नी प्रेम सिंह के परिजनों/वारिसों - अनिल सिंह एवं शुगम सिंह, तथा विमला देवी पत्नी बलवन्त सिंह के परिजनों - विक्रम सिंह एवं दीपक सिंह को दो लाख प्रति मृतक के अनुसार मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही बुरांसी गांव के केशर सिंह पुत्र अमर सिंह के आवासीय भवन के पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने पर एक लाख 30 हजार की सहायता राशि चेक के माध्यम से उपलब्ध कराई गई।

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