चारधाम यात्रा अपडेट: डबल रजिस्ट्रेशन और यात्रियों की संख्या पर मिल सकती है राहत

उत्‍तराखंड में चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से चलाना सरकार के लिए बनी चुनौती

देहरादून, 28 सितंबर। चुनावी साल में एक माह के लिए खुली चारधाम यात्रा राज्य सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर रहा है। चारधाम के दर्शन के लिए बनाई गई एसओपी से तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी है। जिसको लेकर धामों में जमकर विरोध हो रहा है। राज्य सरकार भी तीर्थ पुरोहितों के विरोध के बाद बैकफुट में आ गई है। इसके लिए सरकार ने ई पास पंजीकरण का सरलीकरण करने का निर्णय लिया है। साथ ही यात्रियों के दर्शन के लिए सीमित संख्या को भी बढ़ाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

Relief can be given on double registration and number of passengers

एसओपी से यात्रियों को हो रही परेशानी
कोर्ट के आदेश के बाद राज्य में चारधाम यात्रा तो खुल गई लेकिन कोविड प्रोटोकॉल और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया से धामों में यात्रियों को पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्यूमेंट और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जटिल होने से कई यात्री आधे रास्ते से ही वापस लौट रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी परेशानी ई पास को लेकर आ रही है। कई यात्रियों को गाड़ियों की बुकिंग के समय या तारीख पर ई पास नहीं मिल पा रहा है। जिससे यात्रियों को टिकट और बुकिंग कैंसिल करवाना पड़ रहा है। जो यात्री धामों में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं वे रजिस्ट्रेशन कराकर ही थक रहे हैं। सरकार ने देवस्थानम और स्मार्ट सिटी पोर्टल दोनों पर रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए थे। जिसको लेकर तीर्थ पुरोहितों में भारी गुस्सा है। इसी को देखते हुए अब राज्य सरकार ने एक ही जगह रजिस्ट्रेशन करवाने की तैयारी शुरू कर दी है।

दोनों जगह पंजीकरण की बाध्यता होगी खत्म
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन चारधाम यात्रा से जुड़े विभाग के अधिकारियों की बैठक भी ली है। इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को स्मार्ट सिटी के साथ देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा रहा है। दोनों पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए दस्तावेज समान हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए देवस्थानम बोर्ड पोर्टल से ई-पास धारक यात्रियों को स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की बाध्यता को एसओपी से हटाया जाए। उन्होंने चारधामों के चैकप्वाइंट पर ई-पास की चैकिंग के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था लागू करने, देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल ई-पास पंजीकरण के लिए एक फोन नंबर, एक बुकिंग और एक आधार कार्ड की व्यवस्था लागू करने को कहा है।

Recommended Video

    उत्तराखंड: क्यों मनाया जाता है सेलकू पर्व, जहां होता है डोलियों का नृत्य और सोमेश्वर देवता की पूजा

    चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि-

    राज्य सरकार की मंशा साफ नहीं है। सरकार की इच्छाशाक्ति में भी कमी है। प्रचंड बहुमत के बाद भी सरकार को फैसला लेने के लिए कोर्ट पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसका जबाव सरकार को देना चाहिए।

    ये हैं फिलहाल नियम-

    • देवस्थानम बोर्ड में रजिस्ट्रेशन, ई पास अनिवार्य
    • स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य
    • यात्री किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे.
    • यात्रियों को कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट या फिर कोरोना वैक्सीनेशन की दोनों डोज के सर्टिफिकेट दिखाने होंगे.
    • यात्रियों को फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य कोरोना नियमों का पालन करना होगा
    • प्रति दिन दर्शन के लिए यात्रियों की संख्या
    • केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1200, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+