Budget 2024: भाजपा बोली-अमृत काल में श्रेष्ठ राज्य बनेगा उत्तराखंड,कांग्रेस बोली-दो राज्यों को केन्द्र में रखा
भाजपा ने केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर, विकसित भारत की संकल्प पूर्ति वाला बजट बताया है। बाढ़ एवं आपदा से लगातार उत्तराखंड में हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए बजट में विशेष मदद की घोषणा का स्वागत किया है।
जबकि कांग्रेस ने केन्द्र की मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के प्रथम आम बजट को दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास अवरोधी तथा आम आदमी के हितों के खिलाफ मंहगाई और बेरोजगारी बढ़ाने तथा केवल दो राज्यों आंध्र प्रदेश और बिहार प्रदेश को केन्द्र में रखने वाला बजट बताया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने आपदा प्रभावित देवभूमि की बजट में विशेष चिंता करने के लिए पीएम, वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया है। साथ ही बजट से प्राप्त होने वाले ईंधन से डबल इंजन सरकार की गति, राज्य में कई गुना तीव्र होने की उम्मीद जताई।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद भट्ट ने आज प्रस्तुत बजट को समाज के प्रत्येक वर्ग को ताकत देने वाला बजट बताया। जिसमे महिला शशक्तिकरण के माध्यम से उनकी भागेदारी बढ़ाने की बात की गई है, मुद्रा लोन की लिमिट में वृद्धि की गई, साथ ही रोजगार के अनगिनत अवसर देना वाला यह बजट है।
कहा कि यह आत्म निर्भर विकसित भारत का वो दस्तावेज है जो विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह बजट, किसानों, व्यापारियों, सरकारी एवं निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के साथ विशेष रूप से माध्यम वर्ग को नई ताकत देने वाला बजट है।
उन्होंने बाढ़ एवं आपदा से लगातार उत्तराखंड में हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए बजट में विशेष मदद की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा, देश का यह आम बजट, प्रदेश में विकास की दिशा में डबल इंजन की सरकार की गति को कई गुना बढ़ाएगा। जिससे उत्तराखंड, अमृत काल में श्रेष्ठ राज्य बनने के अपने सफर को निर्णायक चरण में ले जाने में सफल होगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने केन्द्रीय आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री ने एकबार फिर से अपनी हठधर्मिता का परिचय देते हुए जो बजट प्रस्तुत किया है वह दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी, मंहगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला तथा देश की आर्थिक वृद्धि पर चोट पहुंचाने वाला बजट है।
केन्द्रीय बजट में केवल बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए ही सरकारी खजाना खोला गया है अन्य राज्यों की घोर उपेक्षा की गई है। देश के वित्त मंत्री ने बजट में आंकडों की बाजीगरी कर घुमाकर नाक पकड़ने का काम किया है। मोदी सरकार द्वारा लगातार की जा रही कोरी घोषणाओं व जुमलेबाजी तथा अपने चहेते उद्योग पतियों को लाभ पहुंचाने वाले बजट में वित्तीय प्रबन्धन का नितांत अभाव है। महंगाई से जनता के सिर का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है बजट में महंगाई कम करने की कहीं बात नहीं की गई है।












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