Budget 2023-24: सीएम धामी ने पीएम और वित्त मंत्री का जताया आभार
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2023-24 विकसित भारत के विराट संकल्प को एक नई मजबूती प्रदान करता अमृत काल का सर्वस्पर्शी एवं समावेशी बजट है।

मोदी सरकार का एक और आम बजट पेश हुआ है। बजट को लेकर हर कोई अपनी प्रतिक्रिया सामने रख रहे हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट 2023-24 विकसित भारत के विराट संकल्प को एक नई मजबूती प्रदान करता अमृत काल का सर्वस्पर्शी एवं समावेशी बजट है। प्राकृतिक कृषि एवं इससे संबंधित स्टार्टअप्स समेत पर्यटन व सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देता यह बजट निश्चित तौर पर उत्तराखण्ड को 2025 तक सर्वश्रेष्ठ राज्यों में सम्मिलित करने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अमृत काल में 130 करोड़ देशवासियों की अपेक्षाओं को मूर्त रुप प्रदान करने वाले इस जनकल्याणकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री का सहृदय आभार।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म निर्भर भारत का संकल्प
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मोदी सरकार के बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म निर्भर भारत का संकल्प बताया। उन्होंने कहा की बजट मे हर वर्ग को लाभान्वित करने के लिए के अहम निर्णय लिए गए है। इस समावेशी बजट से उतराखंड राज्य को काफी लाभ हासिल होने वाला है। उन्होने कहा टैक्स स्लेब की घोषणा और इन्कम टेक्स में छूट बढ़ाने को देश की भांति राज्य के माध्यम वर्ग के चेहरे पर मुस्कान लेकर आया है। इसी तरह मोटे अनाज को लेकर श्री अन्न योजना पहाड़ की कृषि के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है क्योंकि इससे मंडवा, चौलाई आदि तमाम पृवतीय उत्पादों को ऊंचे दाम और बड़ा बाजार मिलना तय है। युवा उधमियों द्वारा कृषि स्टार्ट अप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि कोष बनाने से कृषि और औधानिकी मे बेहतर लाभ मिलेंगे। इसी तरह हिमालयी क्षेत्र में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और पर्यटन के लिए अलग से बजट में प्रावधान करना हमारे प्रदेश की अर्थिकी को मजबूत करेगा। केंद्र द्धारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को एक वर्ष के लिए बढ़ाने का लाभ प्रदेश के 60 लाख से अधिक लोगों को भी मिलेगा फ्री राशन के रूप में मिलेगा। वहीं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड मे काम करने की घोषणा से राज्य मे रोजगार की अधिक संभावनाएं और युवाओं को रोजगार मिलेगा। बजट से देश मे विकास की रफ्तार बढ़ना निश्चित है। 2014 के बाद 9 वर्षो मे भारतीय अर्थव्यवस्था आकार मे 10 से पांचवें स्थान पर पहुँच गयी है।
ऐसी घोषणाओं के बल पर फुलाया गया,जिनको इस वित्तीय वर्ष में धरती पर आना ही नहीं
कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार का यह आखरी बजट, उस खाली लिफाफे की तरीके से है जिसको ऐसी घोषणाओं के बल पर फुलाया गया है, जिनको इस वित्तीय वर्ष में धरती पर आना ही नहीं है। दुर्भाग्य की बात है कि किसानों की आमदनी दुगनी करने की बात तो छोड़ दीजिए, किसानों की आमदनी में कितनी वृद्धि हुई यह बताने में भी यह बजट असफल सिद्ध हुआ है। निम्न-मध्यम वर्ग और सैलरीज क्लास को इनकम टैक्स में एक ऐसी राहत दी गई है जिस राहत के बलबूते पर वह निरंतर बढ़ती हुई महंगाई का सामना नहीं कर पाएगा, एक नाम मात्र की छूट की सीमा बढ़ाकर उसका ढिंढोरा पीटा जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण से जुड़ी हुई योजनाएं जो दलितों, पिछड़ों, कमजोर हों के लिए हैं उनके बजट में कमी की गई है। मनरेगा के बजट में भी कटौती की गई है। बढ़ती हुई बेरोजगारी को साधने के कोई उपाय बजट में दृष्टिगत नहीं होते हैं। महंगाई इस बजट के बाद और बढ़ेगी। हां, अपने चहेते अभिजात्य वर्ग को अवश्य डायरेक्ट टैक्सेस के जरिए कुछ राहत पहुंचाने की चेष्टा की गई है। इस बजट से किसानों, नौजवानों, दलितों, पिछड़ों, कमजोरों में निराशा बढ़ेगी। आर्थिक असमानता, गरीब-अमीर की बीच की खाई और बढ़ेगी। उत्तराखंड के लिए भी यह बजट पूर्णतः निराशाजनक है। उत्तराखंड आशा लगाए बैठा था, कम से कम अपने अंतिम बजट में मोदी जी उत्तराखंड जैसे हिमालई राज्यों को ग्रीन बोनस देने की घोषणा करेंगे। ग्रीन बोनस देना तो एक तरफ आपदा से कैसे निपटें उत्तराखंड जैसे राज्य उसके लिए मदद देने के मामले में बजट पूर्णतः चुप्पी है। जिस राज्य के सम्मुख जोशीमठ जैसी एक बड़ी समस्या आकर के खड़ी हुई है, उस जैसे राज्य की कैसे मदद की जाएगी इस पर एक शब्द भी नहीं कहा गया है।












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