ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना की एस्केप टनल का ब्रेकथ्रु, जानिए अब कितना और कहां-कहां बचा काम
ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के निर्माण में लगी एलएनटी पैकेज टू की टीम ने व्यासी से शिवपुरी के बीच एस्केप टनल 3 का ब्रेकथ्रु सफल तरीके से कर दिया है। जिसके बाद व्यासी से शिवपुरी तक 12 किमी लंबी एस्केप टनल पूरी तरह आरपार हो गया है।
ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना में श्रीनगर के नीचे से गुजरने वाली रेलवे टनलों का काम अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। श्रीनगर के नीचे से लगभग 9 किलोमीटर की मेन टनल गुजर रही है इसकी शुरुआत जीएनटीआई ग्राउंड से होती है।

ये डुंगरीपंथ धारी देवी रेलवे स्टेशन पर खत्म होती है। इसके निर्माण में करीब 2 सौ मीटर शेष है. इसका ब्रेकथ्रू आने वाले दिसम्बर माह में होना प्रस्तावित है। इसके बाद मेन टनल में पटरी बिछाने का काम शुरू होगा। साथ में प्रस्तावित तीन रेलवे स्टेशनों का काम शुरू कर दिया जाएगा।
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच 125 किलोमीटर रेल लाइन परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। परियोजना के तहत सुरंग निर्माण के कार्य को दस अलग-अलग पैकेजों में बांटा गया है। पैकेज-6, श्रीनगर जीएन आईटीआई मैदान से डुंगरीपंथ धारी देवी स्टेशन यार्ड तक है।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना की सुरंग संख्या 11 की कुल लंबाई 9.05 किमी है, यह सुरंग श्रीनगर व डुगरीपंथ को जोड़ती है। मुख्य सुरंग का दो चरणों में और एस्केप टनल तीन चरणों में ब्रेकथ्रू हुआ है। मुख्य टनल का अंतिम 3.3 किमी का ब्रेकथ्रू दिसंबर माह में प्रस्तावित है, इसके बाद मुख्य सुंरग भी श्रीनगर से डुगरीपंथ तक पूरी तरह आर पार हो जायेगी।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के इस पूरे प्रोजेक्ट में श्रीनगर से तीन रेलवे स्टेशन बनाने प्रस्तावित हुए हैं। इनमें से मलेथा में एक रेलवे स्टेशन बनाया जाना है। दूसरा रेलवे स्टेशन रानीहाट और धारी देवी में भी एक रेलवे स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है। श्रीनगर में 9 किलोमीटर की मेन टनल बनाई जानी है, जिसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद ये टनल श्रीनगर के जीएनटीआई मैदान से धारी देवी रेलवे स्टेशन तक मिल जाएगी।












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