Uttarakhand BJP में उठापटक, भट्ट-बोले पार्टी पूरी तरह से एकजुट, पूर्व सीएम के साथ खड़ी, जानिए क्या है मसला
उत्तराखंड भाजपा में चल रही उठापटक खत्म होने का नाम नहीं ले रही
उत्तराखंड भाजपा में चल रही उठापटक खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी देने के बाद अब मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के केन्द्रीय नेतृत्व से मुलाकात के बाद सियासत गरमा गई है। उधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने एक बयान जारी कर कहा है कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ खड़ी है। जिससे साफ है कि पार्टी के अंदर घमासान अब भी जारी है।

पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलकर अपना पक्ष रखा
उत्तराखंड में एक बार फिर भाजपा के अंदर खाने घमासान नजर आ रहा है। पूर्व सीएम अपनी ही सरकार के कामकाजों पर सवाल खड़े कर चुके हैं। जिसके बाद हाईकमान को मामले में हिदायत देनी पड़ी। इस बीच प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने हाईकमान से मुलाकात की तो पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलकर अपना पक्ष रखा है। उधर बीते दिनों सरकार के एक निर्णय से एक बार फिर त्रिवेंद्र खेमा नाराज बताया जा रहा है। इस मुद्दे को भी त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के दौरान अपना पक्ष रखा है। दावा है कि त्रिवेंद्र रावत ने सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेने की अनुमति लिए जाने के मामले पर चर्चा की।
ये है मामला
बता दें कि नैनीताल हाईकोर्ट ने 27 अक्तूबर 2020 को उमेश जे कुमार बनाम उत्तराखंड राज्य मामले में राजद्रोह का मुकदमा निरस्त करने और तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के खिलाफ शिकायतों की सीबीआई से जांच के आदेश दिए थे। इस फैसले के विरोध में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की। इसमें सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मांग की थी कि राजद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। अब सरकार ने इस एसएलपी को वापस लेने की अर्जी दी। जिसके बाद से धामी और त्रिवेंद्र खेमा आमने सामने आ गया है। खानपुर विधायक उमेश जे कुमार कई बार खुलकर त्रिवेंद्र सरकार के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में धामी सरकार के इस कदम से त्रिवेंद्र खेमा नाराज बताया जा रहा है। ये शिकायत अब हाईकमान तक पहुंचाई गई है। इस मामले को कांग्रेस भी जमकर उठा रहा है। जिस पर सियासत गरमा गई है।
पार्टी पूरी तरह से एकजुट और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ खड़ी
हालांकि भाजपा इस पर बचाव के पक्ष में आ गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत पार्टी के सम्मानित और वरिष्ठ नेता है लिहाजा कांग्रेस को किसी मामले में अन्यथा नही लेना चाहिए। भट्ट ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट से कोई एसएलपी वापस नही ली गयी है। हालांकि यह मामला मुख्यमंत्री और सरकार से संबंधित होने के कारण इस पर अधिकृत जानकारी सरकार ही दे सकती है। उन्होंने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी जानकारी के पुख्ता होने से पहले कांग्रेस तिल का ताड़ बनाने और दुष्प्रचार से बाज आये। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का ये बयान त्रिवेंद्र रावत के दिल्ली दौरे के बाद आया है। साफ है कि त्रिवेंद्र रावत सरकार के इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। इसी वजह से वे राष्ट्रीय नेतृत्व से मिलकर अपनी नाराजगी भी दर्ज करा चुके हैं।












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