Uttarakhand News बजट सत्र से पहले भाजपा विधायक के बयान से मचा बवाल, गैरसैंण विधानसभा को लेकर कह दी बड़ी बात
BJP MLA Lansdowne Mahant Dilip Rawat उत्तराखंड का बजट सत्र गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण में आगामी 9 मार्च से 13 मार्च तक बजट सत्र आहूत किया गया है। जिसको लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के विधायक दिलीप रावत का विधानसभा भवन को गलत स्थान पर बनाने को लेकर एक बयान वायरल हो रहा है।
उनका कहना है कि गैरसैंण में बनाया गया विधानसभा भवन सही जगह पर नहीं बनाया गया है। विधायक का तर्क है कि विधानसभा भवन जहां पर बना है, वहां ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड होती है। जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विधायक का कहना है कि पहले वहां मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरुरत है।

पौड़ी गढ़वाल की लैंसडाउन सीट से भाजपा विधायक महंत दिलीप रावत तीन बार के विधायक हैं। लैंसडाउन से भाजपा विधायक महंत दिलीप रावत ने सत्र से पहले आरोप लगाए हैं कि गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन बनाने से पहले सही स्थल का चयन नहीं किया गया है। जिसके कारण वो भराड़ीसैंण में विधानसभा के लिए इस जगह को सही नहीं मानते। विधायक दिलीप रावत का साफ कहना है कि 'जिस जगह पर विधानसभा का भवन बनाया गया है, वहां पर ऑक्सीजन की कमी होती है।
ऊंची जगह पर होने की वजह से भी यहां बर्फबारी ज्यादा होती है. साथ ही ठंड भी ज्यादा होती है। जिसके चलते वहां पर सत्र के दौरान विधायकों के साथ कर्मचारियों को परेशानी होती है। विधायक ने इस मुद्दे को उठाकर कांग्रेस को भी घेरने की कोशिश की है, लेकिन कांग्रेस को एक बार फिर नया मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के विधायक पहाड़ में राजधानी नहीं चाहते हैं। गैरसेंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया जा चुका है। हालांकि अभी भी गैरसेंण में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है।
बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब सत्र गैरसेंण कराने को लेकर कोई विवाद शुरू हुआ है, इससे पहले भी साल 2024 में भी कुछ विधायकों ने सीएम धामी को पत्र लिखकर बजट सत्र गैरसैंण की बजाय देहरादून में कराने की गुजारिश की थी। उस समय भी गैरसेंण में मौसम अनूकूल न होने की बात की गई। साथ ही वहां ठंड लगने का जिक्र किया गया था।
तब विधायकों की मांग को मानते हुए सरकार ने सत्र देहरादून में ही करवाया था। 2025 बजट सत्र भी देहरादून में ही हुआ था। उधर इस मामले में उत्तराखंड सचिवालय संघ ने भी सत्र से पहले एक ज्ञापन मुख्य सचिव को सौंपा है, जिसमें स्पष्ट तौर पर गैरसैंण में सत्र के लिए नोडल अधिकारियों की संख्या कम करने की गुजारिश की गई है। इस दौरान ये स्पष्ट किया गया है कि क्योंकि विधानसभा में व्यवस्थाएं कम होती हैं, ऐसे में जरूरी लोगों को ही गैरसैंण बुलाया जाए। ताकि, कर्मचारियों को होने वाली विभिन्न दिक्कतें न हो।












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