Ankita Bhandari case सीबीआई जांच के ऐलान के बाद भी क्यों जारी है बवाल, जानिए किस को लेकर छिड़ा विवाद
Ankita Bhandari case अंकिता भंडारी केस में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। लेकिन विपक्ष समेत कई संगठन अब भी इस पूरे मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष समेत कई संगठन सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में जांच की मांग कर रहे हैं।
रविवार को इसके विरोध में प्रदेश बंद का आह्रान भी किया गया था, जिसका मिलाजुला असर ही प्रदेशभर में देखने को मिला। महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा, सरकार सीबीआई जांच के बिंदु स्पष्ट करे, ऐसी जांच हो जिसमें वीआईपी का खुलासा हो।

मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उधर अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। पद्मभूषण अनिल प्रकाश जोशी ने शिकायत की थी जिस पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
इसको लेकर भी सियासी बवाल मचा हुआ है। सोशल मीडिया में इस प्रकरण में माता पिता की मांग पर ही मुकदमा दर्ज करने की मांग की जा रही है। पद्मभूषण अनिल प्रकाश जोशी की शिकायत पर मुकदमा होने और उनकी भूमिका को लेकर भी लोग सवाल खड़े कर रहे है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। अब केंद्र सरकार को मामले में फैसला लेना है। इससे पहले अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दाैरान सीबीआई जांच का अनुरोध किया था।
अंकिता भंडारी प्रकरण में मचे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री ने माता-पिता से बातचीत के बाद उनकी भावनाओं के अनुरूप मामले में निर्णय लेने का भरोसा दिलाया था। दो दिन पहले अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र भंडारी ने सीएम से मुलाकात की थी। अब प्रदेश सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। लेकिन बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब विपक्ष और कई संगठन इस मुद्दे पर सरकार की मंशा को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। साथ ही सिटिंग जज की देखरेख में अंकिता के माता पिता की शिकायत को आधार बनाकर ही जांच की मांग कर रहे हैं।












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