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योगी सरकार की गलती के चलते, नोएडा, ग्रेटर नोएडा के लोगों का बड़ा नुकसान

By Ankur Singh
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    नई दिल्ली। मध्यमवर्गीय और निचले मध्यवर्गीय स्तर के जिन लोगों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पहली भार घर खरीदा है उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली 2.6 लाख रुपए की सब्सिडी नहीं मिल पाई है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यूपी सरकार ने इन लोगों के नामों की लिस्ट केंद्र को नहीं भेजी थी, जिसके चलते इन लोगों का नाम केंद्र सरकार की इस योजना में शामिल नहीं हो सका। लेकिन जिन लोगों ने यहां घर खरीदे हैं उन्हे इस योजना के बारे में जानकारी थी। इन लोगों का मानना है कि एक बार इन घरों के लिए जब लोन पास हो जाता है और इसके लिए शुरुआती कीमत चुका दी गई है तो मुश्किल है कि इन लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके।

    इन राज्यों ने नाम भेजा

    इन राज्यों ने नाम भेजा

    इस योजना का क्रियान्वयन नेशनल हाउसिंग बैंक करती है, उसका कहना है कि इन दो शहरों में लोगों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता है। एनएचबी का कहना है कि हम किसी एक या दो शहर के लिए अलग से नियम नहीं बना सकते हैं। केंद्र सिर्फ तभी इस योजना का लाभ लोगों को दे सकता है जब राज्य सरकार शहरों के नाम भेजती है। केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक ने पहले ही अपने शहरों के नाम भेज दिए हैं।

    नियमों में बदलाव के बाद भी नाम नहीं भेजा

    नियमों में बदलाव के बाद भी नाम नहीं भेजा

    वहीं शहरी आवास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो बड़दलाव किए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को घर खरीदने में सब्सिडी दी जा सके। आपको बता दें कि इस योजना के तहत कुल 4041 शहरों को इसमे शामिल किया गया है, जनगणना के अनुसार सरकार ने तमाम राज्यों को और शहरों के नामो को जोड़ने को कहा गया है। इसी वजह से और भी शहरों को इस योजना से जोड़ा जा रहा है। केंद्र सरकार की इस योजना में बदलाव के बाद 274 अतिरिक्त शहरों को जोड़ा गया, जिन्हें जनगणना में शामिल नहीं किया गया था। शुरुआती चरण में यूपी ने एक भी शहर का नाम नहीं भेजा था, बाद में तीन नए शहरों का नाम भेजा गया था, लेकिन इसमे ग्रेटर नोएडा और नोएडा का नाम नहीं था।

    एनएचबी ने दी सफाई

    एनएचबी ने दी सफाई

    उत्तर प्रदेश की सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा नियमों में बदलाव किए जाने के बाद भी दोनों शहरों का नाम नहीं भेजा था। इस पूरे मामले में एनएचबी के एक अधिकारी का कहना है कि जबतक कि कुछ खास शहरों के नामों को इसमे जोड़ा नहीं जाता है तबतक इन शहरों में घर खरीदने वालों को सब्सिडी नहीं दी जा सकती है। हमने किसी भी बेनिफिसरी की सब्सिडी को नहीं रोका है। आपको बता दें कि दिसंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहरी आवास के लिए सब्सिडी देने की योजना का ऐलान किया था। जोकि जनवरी 2017 से लागू हो गया था। इस योजना के तहत जिन लोगों की वार्षिक आय 6 लाख से 12 लाख रुपए है उन्हे 20 साल तक का लोन 4 फीसदी पर मुहैया कराया जाएगा। जबकि जो लोग 12-18 लाख रुपए वार्षिक आय की श्रेणी में आते हैं उन्हें तीन फीसदी का लोन मुहैया कराया जाएगा।

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    English summary
    Yogi government failed to give the name so Noida and greater noida under pm house scheme . After repeated change in the scheme UP gov failed to give the name.

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