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लोकसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद खुलेगी UP में BJP के 75 प्लस मिशन की राह ?

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लखनऊ, 28 जून: उत्तर प्रदेश में रविवार को आजमगढ़-रामपुर लोकसभा चुनाव के आए नतीजों के बाद बीजेपी काफी उत्साहित है। बीजेपी अब अगले आम चुनाव में मिशन 75 प्लस सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। हालांकि उपचुनाव में जीत को बीजेपी जितनी तवज्जो दे रही है उसके अपने मायने भी हैं लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो उपचुनाव में इन दोनों सीटों पर हुई हार जीत का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन एक बात तो तय है कि परशेप्सन के खेल में बीजेपी विपक्ष से कहीं आगे निकल गई है। अब वह अगले आम चुनाव में सभी 80 सीटें जीतने का दावा ठोंक रही है।

बीजेपी के 75 प्लस दावे को मिली मजबूती

बीजेपी के 75 प्लस दावे को मिली मजबूती

उत्तर प्रदेश में रामपुर और आजमगढ़ के उपचुनाव में बीजेपी की जीत कई मायने में अहम मानी जा रही है। बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि इस जीत से बीजेपी के उस दावे को मजबूती मिलेगी जिसे पिछले एक साल से लेकर पार्टी चल रही है। बीजेपी अगले आम चुनाव में मिशन 75 प्लस के नारे के साथ आगे बढ़ रही है। 29 मई को लखनऊ में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भी इसी बात को लेकर मंथान हुआ था कि आने वाले चुनाव में यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 75 पर कमल खिलाना है और आजमगढ़ की जीत ने इस दावे को मजबूती प्रदान की है। पार्टी का मानना है कि चुनाव में समाजवादियों के गढ़ में पीएम मोदी की नीतियों और सीएम योगी आदित्यनाथ के सुशासन की जीत हुई है।

उपचुनाव में जीत का क्या आम चुनाव पर पड़ेगा असर

उपचुनाव में जीत का क्या आम चुनाव पर पड़ेगा असर

हालांकि राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में उपचुनावों के नतीजों से लोकसभा में पार्टियों की संख्या में ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन समाजवादी पार्टी के गढ़ों के गिरने का असर 2024 के आम चुनावों पर पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से बीजेपी के पास पहले से ही 62 सीटें हैं। उपचुनाव की जीत से पार्टी की संख्या बढ़कर 64 हो गई है, जबकि अखिलेश यादव की पार्टी की गिनती पांच से घटकर तीन हो गई है।

विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी की लोकप्रियता में और इजाफा

विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी की लोकप्रियता में और इजाफा

फरवरी-मार्च के राज्य चुनावों में सहज जीत के बाद समाजवादी पार्टी के गढ़ों में भाजपा की जीत ने भी पार्टी की लोकप्रियता को मजबूत किया। मुख्य विपक्षी दल के लिए, कई लोगों ने देखा कि परिणाम मुसलमानों और यादवों पर एक ढीली पकड़ को दर्शाता है, जो उनके "MY" समर्थन आधार का घरेलू मैदान है। दो निर्वाचन क्षेत्रों में 23 जून को मतदान हुआ, जिसमें आजमगढ़ में 49.43 प्रतिशत और रामपुर में 41.39 प्रतिशत मतदान हुआ।

पिछले आम चुनाव की तुलना में कम हुआ मतदान

पिछले आम चुनाव की तुलना में कम हुआ मतदान

2019 में, आजमगढ़ में वोट प्रतिशत 63.19 था, जबकि रामपुर में 57.56 प्रतिशत मतदान हुआ था। हालांकि लोकप्रिय फिल्म स्टार भाजपा के निरहुआ ने आजमगढ़ में अपनी जीत का श्रेय मुख्यमंत्री को दिया। "यह उस काम की जीत है जो हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महामारी के दौरान कर रहे हैं। यह उस शासन और आजमगढ़ में लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत की जीत है। यह एक कठिन मुकाबला था जो आखिरी समय तक चला।

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English summary
Will victory in Azamgarh-Rampur by-election open the way for BJP's 75 plus mission?
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