क्या सपा सरकार में हुई UPPSC भर्तियों की सीबीआई जांच करवाएगी योगी सरकार?
उत्तर प्रदेश मे सत्ता परिवर्तन के बाद जब भाजपा सरकार आई तब से एक ही सवाल पूरी यूपी में गूंज रहा है, कि क्या यूपीपीएससी की भर्तियों की सीबीआई जांच होगी?
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश मे सत्ता परिवर्तन के बाद जब भाजपा सरकार आई तब से एक ही सवाल पूरी यूपी में गूंज रहा है, कि क्या यूपीपीएससी की भर्तियों की सीबीआई जांच होगी? इस बात की संभावना तब और बढ़ गई जब शनिवार को यूपीपीएससी ने सपा सरकार में हुई 600 से ज्यादा भर्तियों की जानकारी योगी सरकार को सौंपी।

यूपीपीएससी भर्ती पर अभी भी रोक
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही सरकार ने मौखिक निर्देश पर आयोग की सभी भर्तियों पर तत्काल रोक लगा दी थी जो अब भी जारी है। अंदर के सूत्रों ने दावा किया कि यूपीपीएससी के अध्यक्ष अनिरुद्ध यादव की छुट्टी हो जायेगी। साथ ही सपा सरकार में हुई भर्ती पर सीबीआई जांच की तलवार लटकने के संकेत दिए गए लेकिन न तो अनिरुद्ध यादव बदले गए न ही यूपीपीएससी की किसी भर्ती की जांच शुरू हुई। इस बीच शनिवार को जब आयोग के अध्यक्ष डा. अनिरुद्ध यादव ने प्रदेश सरकार को भर्तियों का ब्यौरा सौंपा तो अब इस मामले में जांच के आसार तेज हो गए हैं।

पहले लोकल जांच फिर सीबीआई
योगी कैबिनेट के सूत्रों से पता चला कि सरकार सीधे जांच सीबीआई को नहीं सौंपेगी। क्योकि इससे विपक्ष को हंगामा करने के लिये मौका मिल जायेगा कि योगी सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। इसके लिये योगी सरकार खुद ही एक जांच टीम का गठन करेगी जो सीधे सीएम योगी को रिपोर्ट करेगी। भर्ती में हुई धांधली के सुबूत एकत्रित किये जायेंगे, व्यापक चार्ज सीट तैयार होगी और फिर सीबीआई को जांच दी जायेगी।

आसान नहीं होगा अनिरुद्ध यादव का सफर
शासन की मंशा स्पष्ट है वह अनिरुद्ध यादव को सीधे हटाकर विपक्ष को राजनीति करने का कोई मौका नहीं देना चाहती। इस बात को बल इसलिये भी मिलते हैं क्योंकि चुनावों में अनिरुद्ध यादव को मुद्दा बनाने वाली भाजपा ने सरकार बनने के बाद अभी तक उनपर नर्मी ही बरत रही है। जाहिर हैं कही न कही अनिरुद्ध यादव का कद भी इसमे अहम रोल अदा करता है। लेकिन अब 600 से अधिक भर्ती का ब्यौरा सरकार के पास पहुंचना कहीं से भी हितकर नहीं माना जा रहा है। ऐसे में अध्यक्ष पद पर अब इनका सफर आसान नहीं होने वाला है।












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