क्या मोदी के जरिए BJP के लिए सत्ता का द्वार बनेगी काशी ?

लखनऊ, 7 मार्च: उत्तर प्रदेश में सातवें चरण का मतदान समाप्त हो गया है। मतदान से पहले जिस तरह से पीएम मोदी ने काशी सहित पूरे पूर्वांचल में रैलियां की उससे बीजेपी को कितना लाभ मिलेगा? मोदी ने यूपी में सत्ता की वापसी को लेकर जो रैलियां की हैं उससे काशी का माहौल कितना बदला था। ऐसे ही कुछ सवालों का जवाब दस मार्च को मतगणना के बाद ही मिलेगा। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या काशी मोदी के जरिए बीजेपी की यूपी सत्ता वापसी का द्वार साबित होगी। काशी में मोदी के प्रयासों से कितनी सीटों पर कमल खिलेगा यह तो समय ही बताएगा लेकिन हर बार की तरह पीएम ने इस बार भी तीन दिन काशी में रहकर पूरे पूर्वांचल का रुख मोड़ने का प्रयास किया।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को लोग मान रहे बड़ी उपलब्धि

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को लोग मान रहे बड़ी उपलब्धि

बीजेपी अयोध्या और काशी विश्वनाथ मंदिर के विकास पर भी अपना दावा करती नजर आ रही है। माना जा रहा है कि इसका फायदा उन्हें उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में भी मिल सकता है। स्थानीय लोगों से बातचीत से भी इस बात के संकते मिलते हैं कि लोग काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और राम मंदिर निर्माण को बीजेपी की एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। हालांकि समाजवादी पार्टी का दावा है कि जब नतीजे आएंगे तो भाजपा के विकास के हर दावे पर पानी फिर जाएगा।

काशी में मोदी ने कराया विकास

काशी में मोदी ने कराया विकास

वाराणसी के गोदौलिया चौराहे से दशाश्वमेध घाट तक सड़क को काफी चौड़ा कर दिया गया है। पीएम मोदी के बनारस दौरे से पहले एकरूपता देने के लिए सड़क के दोनों ओर स्थित दुकानों को हल्के लाल-भगवा रंग में रंगा गया है। इसी के साथ पूरा शहर एक खूबसूरत रूहानी एहसास देता नजर आ रहा है। उसी रास्ते पर कपड़े के व्यवसायी अरविंद कुमार ने बताया कि, अपने 30 सालों के व्यावसायिक जीवन में काशी विश्वनाथ मंदिर को इतना विकसित होते कभी नहीं देखा। पीएम मोदी ने 2014 में किए अपने वादे को पूरा किया और पूरे वाराणसी को बदल दिया है।

मंदिरों के विकास से अभिभूत हैं पूर्वांचल के लोग

मंदिरों के विकास से अभिभूत हैं पूर्वांचल के लोग

अरविंद का दावा है कि इस क्षेत्र के लोग मंदिरों के इस विकास से अभिभूत हैं और भाजपा के साथ खुलकर सहयोग करने को तैयार थे। इसका कारण न केवल आध्यात्मिक स्थलों का विकास, बल्कि पूरे बनारस की गलियों, चौराहों, सड़कों और फ्लाईओवरों का विकास है। उन्होंने कहा कि इस विकास के बाद कोरोना काल को छोड़कर उनके व्यवसाय में वृद्धि हुई है। लोग इस विकास का जमकर स्वागत कर रहे हैं। काशी में हुए विकास का असर पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी असर डाल रहा है। इसकी एक बड़ी वजह है कि आसपास के कई जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु काशी विश्वनाथ का दर्शन करने आते हैं। काशी की बदलती छवि को देखकर लोगों में मोदी की एक सकारात्मक इमेज बन रही है जिसका लाभ बीजेपी को मिल रहा है।

आध्यात्मिक नगरी में विकास के लिए किसी एक सरकार को श्रेय नहीं

आध्यात्मिक नगरी में विकास के लिए किसी एक सरकार को श्रेय नहीं

गोदौलिया पर एक रेस्टोरेंट चलाने वाले नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सड़कों के अच्छे विकास से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। अगर पूरा श्रेय किसी को दिया जा सकता है तो वह केवल पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को ही दिया जा सकता है। यही कारण है कि जनता के पास उनके लिए एक सकारात्मक दृष्टि है। हालांकि कपड़ा कारोबारी विक्रम तिवारी कहते हैं कि कारोबार में पूरी तरह वापसी नहीं हुई है। धार्मिक नगरी वाराणसी में हमेशा बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु आते थे। इसमें किसी भी सरकार के योगदान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इस आध्यात्मिक नगरी की वजह से ही यहां देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं। पिछले कुछ महीने में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

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