क्या राम मंदिर का फायदा भाजपा को लोकसभा चुनाव 2024 में मिलेगा? सर्वे में आए चौंकाने वाले नतीजे
ABP Cvoter Survey: हिंदू धर्म के लोगों के लिए 22 जनवरी 2024 का दिन बेहद खास है, क्योंकि इस दिन सालों बाद अयोध्या में रामलला अपने भव्य राम मंदिर में विराजित होंगे।

श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां अंतिम दौर में है तो वहीं भाजपा इस दिन को बेहद भव्य मनाने में जुटी है तो वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि 'मोदी सरकार 'भगवान राम' पर राजनीति कर रही है।'
जनता को भ्रमित कर रही है भाजपा-विपक्ष
'राम मंदिर का क्रेडिट वो जानबूझकर लेना चाह रही है और इसलिए वो जनता को भ्रमित करने में लगी हैं। वो भगवान राम को अपना बताती है लेकिन भगवान तो सबके हैं।'
भाजपा राम मंदिर को चुनावी मुद्दा बनाने में जुटी है?
जैसे जैसे प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे ही विरोधी दलों के आरोप भी उग्र होते जा रहे हैं लेकिन क्या सच में भाजपा राम मंदिर को चुनावी मुद्दा बनाने में जुटी है? क्या राम मंदिर बनवाने का फायदा उसे लोकसभा 2024 के चुनावों में मिलेगा?
एबीपी न्यूज के लिए सीवोटर ने एक सर्वे किया
ये सारे सवाल हर किसी के मन में चल रहे हैं लेकिन 'क्या देश की जनता भी विरोधी दलों की तरह ही सोच रखती है?' इसी बात को जानने के लिए एबीपी न्यूज के लिए सीवोटर ने एक सर्वे किया।
क्या राम मंदिर का फायदा भाजपा को लोकसभा चुनाव में मिलेगा?
जिसमें उसने जनता से सीधा प्रश्न किया कि राम मंदिर का निर्माण मोदी सरकार के दौरान हो रहा है तो क्या ये उसकी उपलब्द्धि है? इसका उसे आगामी लोकसभा चुनाव में फायदा मिलेगा? आपको बता दें कि इस सर्वे में लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और इसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए।
मोदी सरकार की अहम उपलब्धि है राम मंदिर
सर्वे में 55 प्रतिशत लोगों ने कहा कि यह मोदी सरकार की अहम उपलब्धि है और इसका फायदा उसको निश्चित तौर पर चुनावों में मिलेगा जबकि 11 फीसदी लोगों ने कहा कि ये मोदी सरकार के कुछ अहम कामों में से एक है लेकिन ये ही उसका सबसे बड़ा काम है, ये नहीं कहा जा सकता है।
'यह अहम उपलब्धि नहीं बल्कि उपलब्धि है'
तो वहीं 15 प्रतिशत ने कहा कि यह अहम उपलब्धि नहीं है लेकिन ये उसके बड़े कामों से एक है, जबकि 14 फीसदी जनता ने कहा कि यह कोई उपलब्धि नहीं है, ये उसका नहीं कानून का काम है तो वहीं 5 प्रतिशत लोगों ने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया।
भाजपा को मिलेगा राम मंदिर का फायदा
सर्वे के हिसाब से 55 प्रतिशत लोगों को ने कहा कि भाजपा ने राम मंदिर के बारे में जो वादा सत्ता में आने से पहले किया था वो उसने पूरा किया है जो कि एक बहुत बड़ी बात है।
सुप्रीम कोर्ट ने हिंदूओं के हक में फैसला सुनाया
आपको बता दें कि नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विवाद पर हिंदूओं के हक में फैसला सुनाया था।
गौरतलब है कि प्राण प्रतिष्ठा तो 22 जनवरी को होगी लेकिन इसकी प्रक्रिया 15 जनवरी से प्रारंभ होगी।
- 15 जनवरी 2024 - रामलला की विग्रह मूर्ति को गर्भगृह पहुंचाया जाएगा
- 16 जनवरी 2024 - विग्रह मूर्ति का अनुष्ठान
- 17 जनवरी 2024 - रामलला की मूर्ति का नगर भ्रमण
- 18 जनवरी 2024 -प्राण-प्रतिष्ठा की विधि आरंभ
- 19 जनवरी 2024 -अग्नि कुंड की स्थापना
- 20 जनवरी 2024 - गर्भगृह में वास्तु शांति अनुष्ठान
- 21 जनवरी 2024 -रामलला का कलश स्नान
- 22 जनवरी 2024 - प्राण प्रतिष्ठा












Click it and Unblock the Notifications