अतीक-अशरफ हत्या की CBI जांच की मांग करने वाले कौन हैं पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर, हर सरकार में रहा 36 का आंकड़ा
Former IPS Amitabh Thakur: प्रयागराज में हुए अतीक-अशरफ हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देने वाले पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर कौन हैं?

माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। अतीक- अशरफ की हत्या पुलिस सुरक्षा के बीच हुई। ऐसे में इस हत्याकांड की CBI जांच कराने की मांग करते हुए पूर्व IPS अफसर अमिताभ ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की है।
चर्चित पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट में लेटर पिटीशन दायर की, जिसमें उन्होंने इस हत्याकांड मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया। अपनी अर्जी में पूर्व आईपीएस ने पुलिस कस्टडी में मर्डर को गंभीर मामला बताया है। ऐसे में जानिए कौन हैं अमिताभ ठाकुर?
लेटर पिटिशन में क्या कहा?
अमिताभ ठाकुर के बारे में जानने से पहले आपको बता दें कि उन्होंने अपनी लेटर पिटिशन में कहा कि भले अतीक अहमद और उसके भाई अपराधी हों मगर जिस तरह से उनकी हत्या हुई है, उससे इस घटना के राज्य पोषित होने की पर्याप्त संभावना दिखती है।
ठाकुर ने आगे कहा कि अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद जिस तरह यूपी पुलिस ने मामले में ढील बरतने का प्रयास किया है, उससे नहीं लगता कि इस मामले में कोई ठोस जांच और कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्च स्तरीय षडयंत्र की प्रबल आशंका दिखती है।
जानिए कौन हैं अमिताभ ठाकुर?
अमिताभ ठाकुर 1993 बैच के आईपीएस रहे हैं। यूपी के एक चर्चित अधिकारी रहे हैं। योगी सरकार से पहले भी इनकी अखिलेश सरकार में टकराव की खबरें सामने आती रही हैं। ठाकुर सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक प्रतिक्रिया देते हैं। इसके अलावा वह कवि और लेखक भी हैं।
17 मार्च 2021 में यूपी सरकार ने उनको वीआरएस देकर जबरन रिटायर कर दिया गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्क्रीनिंग में अमिताभ ठाकुर को लोकहित में सेवा में बनाये रखे जाने के उपयुक्त नहीं पाया था।
अपने कार्यकाल में आईपीएस अफसर कई बार चर्चा में रहे। मुलायम सिंह के धमकी वाले टेप को लीक किया था। साल 2015 जुलाई की घटना है, जब IPS अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया था कि उन्हें मुलायम सिंह ने फोन कर धमकाया था।
अखिलेश सरकार ने किया निलंबित
जिसके बाद मुलायम सिंह के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ तो वह कोर्ट पहुंच गए, जहां के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया था, इसी अदावत के चलते अखिलेश सरकार में अमिताभ ठाकुर को निलंबित कर दिया गया था।
इसके अलावा योगी सरकार में साल 2020 में गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के बारे में भी उन्होंने कहा था। इसके अलावा ठाकुर यूपी सरकार के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं। अमिताभ ठाकुर लखनऊ में रहते हैं और अधिकार सेना नाम से पार्टी चलाते हैं। इन्होंने ट्विटर बायो में लिखा है- अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिकार सेना।
साल 1968 में बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मेअमिताभ ठाकुर ने IIT कानपुर और IIM लखनऊ से पढ़ाई पूरी की है। उसके बाद वे भारतीय पुलिस सेवा में आए थे। उन्होंने 29 साल तक नौकरी की।












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