Ashutosh Maharaj: अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाए, खुद पर 21 केस, हिस्ट्रीशीटर आशुतोष पांडे कैसे बना 'महाराज'?
Avimukteshwaranand Vs Ashutosh Maharaj News Update : प्रयागराज का माघ मेला 3 जनवरी 2026 से शुरू हुआ और 15 फरवरी तक बड़े विवाद में बदल गया। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी पर दो नाबालिग लड़कों (14 और 17 साल) के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रयागराज की POCSO स्पेशल कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई है।
आरोप लगाने वाले शख्स आशुतोष पांडे उर्फ आशुतोष महाराज उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी खुद सुर्खियों में आ गए हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उन्हें 'हिस्ट्रीशीटर' बताते हुए दावा किया है कि यह केस 'फर्जी और साजिश' है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आशुतोष महाराज आखिर कौन हैं? उनके ऊपर कितने मुकदमे हैं? और वे रामभद्राचार्य के शिष्य कैसे बने? आइए विस्तार से जानते हैं...

Who Is Ashutosh Maharaj: आशुतोष महाराज कौन हैं?
आशुतोष महाराज का असली नाम आशुतोष पांडे है। साल 2022 से पहले वे इसी नाम से जाने जाते थे। वे शामली जिले के कांधला कस्बे के रहने वाले बताए जाते हैं। परिवार पंडित पृष्ठभूमि से जुड़ा है और उनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर प्राइवेट बसों में कंडक्टर थे। बताया जाता है कि वे प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर से भी जुड़े रहे हैं और खुद को धार्मिक गतिविधियों से सक्रिय रूप से जोड़ते हैं। दीक्षा लेने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर आशुतोष महाराज रख लिया और अब ब्रह्मचारी के रूप में पहचान बनाते हैं।
Ashutosh Maharaj History Sheeter Criminal Record: 21 मुकदमों वाला हिस्ट्रीशीटर- पूरा रिकॉर्ड
खास बात यह है कि महाराज का नाम सिर्फ धार्मिक कारणों से चर्चा में नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कांधला थाने में उनकी हिस्ट्रीशीट नंबर 76A खुली हुई है। अलग-अलग जिलों में कुल 21 मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है, जो शामली, लखनऊ, गोंडा समेत कई जिलों में फैले हैं। इन मामलों में गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, गोवध अधिनियम (पशु तस्करी) और आईटी एक्ट जैसी धाराएं शामिल रही हैं।
महत्वपूर्ण पुराने मामले:
- दिसंबर 2012: गोंडा में तत्कालीन एसपी नवनीत राणा को पशु तस्करी मामले में 1 लाख रुपये घूस देने की कोशिश में गिरफ्तार। साथियों समेत जेल भेजा गया।
- 2019: शामली के तत्कालीन एसपी अजय कुमार के कार्यकाल में हिस्ट्रीशीट खोली गई।
कई मामलों में अदालत से राहत मिल चुकी है। कुछ में बरी, कुछ में पुलिस ने आरोपी नहीं बनाया।
Ashutosh Panday To Maharaj : कैसे बने 'महाराज'? रामभद्राचार्य से दीक्षा
2022 से पहले आशुतोष पांडे के नाम से मशहूर थे। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य (तुलसी पीठाधीश्वर) से दीक्षा ली। दीक्षा के बाद नाम बदलकर आशुतोष महाराज रख लिया। अब खुद को ब्रह्मचारी महाराज कहते हैं और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय हैं।
विवाद की शुरुआत: मौनी अमावस्या पर स्नान को लेकर झड़प
18 जनवरी 2026 (मौनी अमावस्या) को महाकुंभ में स्नान को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से विवाद हुआ। आशुतोष महाराज ने मारपीट का आरोप लगाया। बाद में उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान दो नाबालिग लड़के उनके पास आए और स्वामी व उनके शिष्य पर यौन शोषण की आपबीती बताई।
Avimukteshwarananda FIR Sections: अविमुक्तेश्वरानंद पर किन धाराओं में FIR ?
- 28 जनवरी को कोर्ट में अर्जी दाखिल की। POCSO स्पेशल जज विनोद कुमार चौरसिया ने 22 फरवरी को झूंसी थाने को FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
- धाराएं: BNS 351(2/3), POCSO एक्ट की 3, 4(2), 5, 6, 16, 17 आदि।
- आरोप: जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच दो नाबालिगों का यौन शोषण।
Avimukteshwarananda Statement: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का क्या पक्ष?
स्वामी ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि केस पूरी तरह फर्जी और साजिश है। आशुतोष महाराज खुद हिस्ट्रीशीटर हैं, कांधला थाने की दीवार पर उनका नाम नंबर 34 पर लिखा है। वे कई लोगों पर फर्जी केस करके पैसे ऐंठते रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।
यह मामला महाकुंभ के दौरान धार्मिक-सामाजिक आस्था और आपराधिक पृष्ठभूमि के बीच टकराव को उजागर कर रहा है। पुलिस जांच और अदालत की सुनवाई पर सबकी नजर है।












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