छुट्टी से लौटते वक्त ट्रेन में जवान ने निभाया फर्ज, महिला की कराई डिलीवरी
ऐसे में जवान प्रमोद से जब महिला की पीड़ा बर्दाश्त नहीं हुई तो उसने पीटीआई राम सिंह को अपना परिचय दिया और बताया कि उसने बाढ़ के दौरान कई महिलाओं का आपातकालीन स्थिति में प्रसव करवाया है।
वाराणसी। एनडीआरएफ में 11 बटालियन के रेस्क्यू कांस्टेबल प्रमोद कुमार छुट्टियां बिताकर वापस लौटते एक परिवार के लिए हीरो बन गए। बनारस में पोस्टेड प्रमोद ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्रसव पीड़ा से चीख रही महिला की चलती ट्रेन में डिलेवरी तक कराई। दरअसल महामना एक्सप्रेस ट्रेन के उसी डिब्बे में एक गर्भवती महिला दुर्गा देवी अपने पति राम सिंह के साथ यात्रा कर रही थी। यात्रा के बीच ही गर्भावस्था के अंतिम दिनों में महिला को अचानक ही दर्द शुरू हो गया। महिला की सहायता के लिए डिब्बे में कोई अन्य महिला उपस्थित नहीं थी, जिस कारण गर्भवती सहज महसूस नहीं कर रही थी। जब दर्द और बढ़ने लगा और स्थिति बेकाबू होने लगी तो एनडीआरएफ के जवान प्रमोद कुमार ने अपनी मदद का हाथ बढ़ाते हुए चलती ट्रेन में महिला की डिलीवरी कराई।

दरसअल एनडीआरएफ के ट्रेनिंग में इस प्रकार कि परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। एनडीआरएफ का प्रत्येक रेस्क्यू प्रसव कराने के कार्य में निपुड़ है। ऐसे में जवान प्रमोद से जब महिला की पीड़ा बर्दाश्त नहीं हुई तो उसने पीटीआई राम सिंह को अपना परिचय दिया और बताया कि उसने बाढ़ के दौरान कई महिलाओं का आपातकालीन स्थिति में प्रसव करवाया है और फिर प्रमोद ने चलती ट्रेन में नवजात शिशु का प्रसव कराया।

इन परिस्तिथियों में उसने अपनी टीम के डॉ अमित नंदन त्रिपाठी से फोन पर बात करते हुए और सभी जरूरी एहतियात बरतते हुए स्वयं के पास उपलब्ध साफ कपड़ों से शिशु और मां को साफ किया और साथ ही अम्लीकल कॉर्ड (नाल) को धागे और नए ब्लेड की सहायता से काटकर शिशु को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। करीब एक घंटे के बाद स्थिति सामान्य होने पर प्रमोद ने जच्चा-बच्चा को उसके पति राम सिंह के सुपुर्द करते हुए यात्रा के दौरान आने वाले अगले स्टेशन को सूचना देते हुए तत्काल चिकित्सा सेवा भी दिलवाई।












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