जब अपने पिता और शिक्षक से मिलकर भावुक हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath
जब मुख्यमंत्री यूपी-उत्तराखंड की सीमा पर नजीबाबाद पहुंचे तो उन्हें कुछ ऐसा देखने को मिला जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। मुख्यमंत्री यहां आधिकारिक दौरे पर आए थे, इस दौरान उनसे मिलने के लिए खुद उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट व योगी आदित्यनाथ के शिक्षक आरएस नेगी मौजूद थे।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई साल पहले अपने परिवार को छोड़कर सन्यास ले लिया था। सन्यास लेने के बाद वह लंबे अरसे से गोरखपुर के गोरखधाम पीठ के मुख्य पुजारी रहे। सन्यास से लेकर प्रदेश की सत्ता संभालने का सफर काफी लंबा रहा है। लेकिन जब मुख्यमंत्री यूपी-उत्तराखंड की सीमा पर नजीबाबाद पहुंचे तो उन्हें कुछ ऐसा देखने को मिला जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। मुख्यमंत्री यहां आधिकारिक दौरे पर आए थे, इस दौरान उनसे मिलने के लिए खुद उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट व योगी आदित्यनाथ के शिक्षक आरएस नेगी मौजूद थे।

आरएस नेगी नजीबाबाद से 20 किलोमीटर दूर कोटदार से चलकर यहां मुख्यंत्री से मिलने के लिए आए थे, जबकि उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट अपने गांव पंचूर से आए थे। पंचूर पौढ़ी जिले में है, जोकि नजीबाबाद से 80 किलोमीटर दूर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए यह काफी भावुक पल था। मुख्यमंत्री ने दोनों को शॉल देकर सम्मानित किया। योगी आदित्यनाथ के पिता उत्तराखंड में फॉरेस्ट रेंजर थे, वह 1991 में रिटायर हो गए थे, अब वह पंजूर गांव में ही रहते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आरएस नेगी ने बीएससी में पढ़ाया था, जिस वक्त योगी आदित्यनाथ कोटदार में 1989-1992 के बीच पीडी बर्थवाल पीजी कॉलेज में पढ़ते थे। मंगलवार को मुख्यमंत्री के साथ पढ़ने वाले कई पूर्व छात्र भी उनसे मिलने के लिए आए थे।
आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ का सन्यास लेने से पहले नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट था, उन्होंने बर्थवाल कॉलेज से अपनी स्नातक की डिग्री हासिल की थी, जिसके बाद गणित विषय से एमएससी की पढ़ाई करने के लिए वह रिषिकेश चले गए थे, यहां वह एमएससी की डिग्री हासिल करने के लिए आए थे, लेकिन पहले वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह गोरखपुर चले गए यहां महंत अद्वैतनाथ ने उन्हें अपने शिष्य के तौर पर गोद ले लिया था।
इसे भी पढ़ें- गली-गली में लगे हैं पोस्टर और पिता केशव मौर्य बोले- चुनाव नहीं लड़ेगा बेटा












Click it and Unblock the Notifications