काशी विश्वनाथ मंदिर के हालात से खफा महात्मा गांधी ने बीएचयू में क्या कहा था, जिसका सीएम योगी ने किया जिक्र
वाराणसी, 13 दिसंबर। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस कॉरिडोर के शिलान्यास के समय भी पीएम मोदी ने गांधी के सपने को पूरा करने की बात कही थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 100 साल पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी वाराणसी आए थे और काशी विश्वनाथ मंदिर तक जाने वाली तंग गलियों और गंदगी पर दुख जताया था। गांधी जी के नाम पर कई लोग सत्ता में आए लेकिन पहली बार भव्य काशी का सपना साकार हुआ है। महात्मा गांधी 1916 के फरवरी में बसंत पंचमी के अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्थापना समारोह में आए थे। पंडित मदन मोहन मालवीय ने महात्मा गांधी को इस अवसर पर आमंत्रित किया था। गांधी काशी विश्वनााथ मंदिर गए थे और वहां की गंदगी देखकर बहुत दुखी हुए थे। 1915 में दक्षिण अफ्रीका से वापस लौटने के बाद 6 फरवरी 1916 को महात्मा गांधी ने बीएचयू के स्थापना समारोह में पहली बार लोगों को संबोधित किया था।

काशी विश्वनाथ मंदिर की गंदगी पर गांधी ने ये कहा था
अपने भाषण में महात्मा गांधी ने काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास फैली गंदगी की तरफ लोगों का ध्यान खींचा था। उन्होंने कहा कि वहां इतनी गंदगी क्यों है? अगर हम सब अपने पूजास्थल को साफ-सुथरा नहीं रख सकते तो फिर स्वराज का दावा हम किस आधार पर करेंगे। यह मंदिर हमारे अपने चरित्र के बारे में क्या इतना कुछ नहीं बता रहा? एक हिंदू के तौर पर मैं महसूस कर इस बात को कह रहा हूं। क्या हमारे पवित्र मंदिर की गलियों में इतनी गंदगी का होना सही है? गलियां कितनी संकीर्ण और प्रताड़ित करने वाली हैं। अगर हमारे मंदिरों में जगह और सफाई नहीं रहेगी तो हमारा स्वराज कैसा होगा? गांधी के इस भाषण का जिक्र आईआईटी प्रोफेसर बीएन द्विवेदी ने हिंदुस्तान टाइम्स में छपे अपने आलेख में किया है। गांधी की इसी बात का जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में किया।

सीएम योगी ने क्यों कही यह बात?
2022 में यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। केंद्र और उत्तर प्रदेश, दोनों जगह भाजपा की सरकार है। भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे में अयोध्या, काशी, मथुरा है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। काशी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव से कुछ महीने पहले अब कर दिया है। हलांकि यह प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है लेकिन चुनाव से पहले इसके लोकार्पण के अपने सियासी मायने हैं। भाजपा 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी में भी लगी हुई है जिसके लिए यूपी का विधानसभा चुनाव बहुत अहम है। महात्मा गांधी को कांग्रेस पार्टी अपनी विरासत मानती रही है लेकिन कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देने वाली भाजपा पिछले कई सालों से इस विरासत को अपना कहने में लगी है। सीएम योगी ने कहा कि महात्मा गांधी ने काशी विश्वनाथ को लेकर जो सपना देखा था उसको भाजपा साकार कर रही है। यह काम महात्मा गांधी के नाम पर सत्ता पाने वालों ने नहीं किया।

महात्मा गांधी हिंदू थे, गोडसे हिंदुत्ववादी: राहुल गांधी
एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने जयपुर में एक रैली में कहा कि महात्मा गांधी हिंदू थे और नाथूराम गोडसे हिंदुत्ववादी था। हिंदू सत्य को खोजता है इसके लिए चाहे मर जाए, कट जाए या पिस जाए। हिंदू का रास्ता सत्याग्रह है। महात्मा गांधी ने जिंदगी सत्य को समझने में बिता दी लेकिन एक हिंदुत्ववादी ने उनकी छाती में तीन गोली मार दी। हिंदुत्ववादी सत्ता पाने के लिए मार सकता है, जला सकता है। उसका रास्ता सत्याग्रह नहीं, सत्ताग्रह है। राहुल गांधी ने ये सभी बातें भाजपा और नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखकर कही। अगले ही दिन उसी महात्मा गांधी का जिक्र कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार कर दिया।












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