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यूपी में अब हर किसी को नहीं मिलेगा हथियार लाइसेंस, पढ़िए क्यों?

By Gaurav Dwivedi
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इलाहाबाद। अगर आपके पास हथियार का लाइसेंस है तो यूपी में आप और रौबदार माने जाएंगे, क्योंकि सूबे में शस्त्र लाइसेंस स्टेटस सिंबल है। लेकिन कमर में पिस्टल लगाकर रौब झड़ना, राइफल के साथ भौकाल जमाना और शौकिया हथियार रखना अब गुजरे जमाने की बात होगी। क्योंकि यूपी में अब हर किसी को शस्त्र लाइसेंस नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के आधार पर यूपी में शस्त्र लाइसेंस के नियमों में बदलाव किया गया है। अब सूबे में नए नियमों के दायरे में ही शस्त्र लाइसेंस मिलेंगे। क्या है नए नियम और किसे मिलेगा शस्त्र लाइसेंस सबकुछ जानने के लिए हमारी पूरी

खबर पढ़ें...

Weapon License will not get everyone in UP now

लेना होगा प्रशिक्षण

सबसे पहले तो आप ये जान लें की शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बल या सेना के आर्मरर से हथियार चलने की ट्रेनिंग लेनी होगी। जिसे आयुध नियमावली-2016 के नियम 10 और 39 के तहत पुलिस और सीपीएमएफ के आर्मरर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट दे सकेंगे। ट्रेनिंग लेने पर संबंधित आर्मरर की और से आवेदक को एस-1 सर्टिफिकेट जारी किया जायेगा। लाइसेंस धारक के लिए यही सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। इस

सर्टिफिकेट के आधार पर शस्त्र लाइसेंस जारी होगा।

वैसे तो एस-1 सर्टिफिकेट केंद्र सरकार के मान्यता प्राप्त मास्टर ट्रेनर देते हैं और योजना भी यही है। लेकिन अभी तक इन मास्टर ट्रेनर की सूची जारी नहीं की जा सकी है। जब तक ये सूची जारी नहीं होती तब तक फोर्स के आर्मरर ये जिम्मेदारी निभाएंगे। उत्तर प्रदेश में यूपी पुलिस खुद इस ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध कराएगी। यूपी पुलिस अब ट्रेनिंग के लिए प्रक्रिया और स्थान का चयन कर रही है। यहां उन लोगों की थोड़ी दिक्कत होगी जिनके जिले में फायरिंग बट नहीं है। ऐसी दशा में उन्हें प्रशिक्षण के लिए नजदीकी जिले में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

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कब और कहा होगा प्रशिक्षण?

आवेदक का शस्त्र प्रशिक्षण जिले की पुलिस लाइन में होगा, जिसके लिए महीने के दो दिन तय किए जाएंगे। उन दो दिनों में ही आवेदक को शस्त्र प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये शस्त्र प्रशिक्षण तब तक दिया जा सकता है जब तक की संबंधित आवेदक एस-1 सर्टिफिकेट पाने की दक्षता न प्राप्त कर ले। पुलिस लाइन के सीओ की अध्यक्षता में आरआई और आर्मरर की एक समिति होगी जो प्रशिक्षण उपरांत आवेदक को एस-1 सर्टिफिकेट जारी करेगी। साथ ही हर पुलिस लाइन में एक रजिस्टर होगा। जिसमें एस-1 सर्टिफिकेट पाने वाले आवेदकों का पूरा ब्योरा दर्ज रहेगा। इसके अलावा बहुत ज्यादा उम्मीद है कि आर्म्ड फोर्सेस भी प्रशिक्षण देंगी। इसके लिए सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और सीआईएसएफ मुख्यालयों से अनुरोध किया गया है। जल्द ही आवेदक को शस्त्र प्रशिक्षण के लिए इन स्थानों पर भी सुविधा मिल सकेगी।

किसे मिलेगा लाइसेंस?

अभी तक आपने लाइसेंस की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी तो हासिल कर ली। अब सब से जरूरी जानकारी कि शस्त्र लाइसेंस मिलेगा किसे? तो हम आपको बताते हैं। नए नियम के तहत अपराध से पीड़ित व्यक्ति (महिला या पुरुष), विरासत स्वरूप मिलने वाला शस्त्र जिसे संबंधित लाइसेंसधारी कि अगली पीढ़ी या दूसरी (अगली) पीढ़ी को दिया जाना हो या शूटिंग खिलाड़ी को ही शस्त्र लाइसेंस मिलेगा। अब ठेकेदार, नेता, प्रतिनिधि या अन्य व्यक्तियों को लाइसेंस लेने के लिए सीधे शासन की अनुमति लेनी होगी। शासन से अनुमति के बाद ही इन पर विचार किया जाएगा। इस बाबत सभी जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को आदेश भेज दिए गए हैं कि वो पूरी जांच-पड़ताल के बाद केंद्र की गाइड लाइन के आधार पर लागू नए नियमों पर ही शस्त्र लाइसेंस जारी करें।

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English summary
Weapon License will not get everyone in UP now
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