OPINION: यूपी को सौर ऊर्जा का केंद्र बनाने में जुटी योगी सरकार, अब मिलेगी 300 यूनिट मुफ्त बिजली
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में सौर ऊर्जा को लगातार आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार पीएम सूर्य घर योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में जुटी है।
प्रदेश सरकार की पहल के तहत अयोध्या को सौर नगर के रूप में विकसित करने के बाद अब योगी सरकार वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर को भी सौर नगर के रूप में विकसित करने जा रही है। इस दिशा में प्रदेश की सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार 25 लाख घरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने जा रही है।

प्रदेश में अबतक कुल 26996 संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इसके तहत लोगों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त मिल रही है। प्रदेश में अबतक 1818290 लोगों ने 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए पीएम सूर्य घर योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। साथ ही 8000 से अधिक लोगों को इस योजना के लिए सब्सिडी दी जा चुकी है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीएनईडीए) मुख्यालय में प्रधानमंत्री सूर्य गृह योजना की समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत राज्य के 25 लाख घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे, जिससे प्रत्येक घर को 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अब तक 26,996 सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इस योजना में 18,18,290 लोगों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 8,033 व्यक्तियों को सब्सिडी जारी की गई है। इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में अक्षय ऊर्जा को अपनाने को बढ़ावा देना है।
ऊर्जा मंत्री ने सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन के लिए दी जाने वाली सब्सिडी के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि एक किलोवाट के लिए 45,000 रुपये, दो किलोवाट के लिए 90,000 रुपये और तीन किलोवाट के लिए 1.8 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। ये सब्सिडी पूरे राज्य में निवासियों के लिए सौर ऊर्जा को अधिक सुलभ और किफायती बनाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को 7.25 लाख घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम सौंपा गया है। इसी तरह दक्षिणांचल को 4.5 लाख घरों, मध्यांचल को 5.5 लाख घरों और पूर्वांचल को 5 लाख घरों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस वितरण से विभिन्न क्षेत्रों में योजना की व्यापक पहुंच सुनिश्चित होती है।
ऊर्जा मंत्री ने घोषणा की कि अयोध्या को सौर नगर के रूप में विकसित करने के बाद, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर को भी सौर नगर में तब्दील किया जा रहा है। यह कदम शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजाति, वनटांगिया और मुसहर जाति के किसानों को सौर पंप लगाने के लिए पूरी सब्सिडी मिलती है। अन्य किसानों को 90 प्रतिशत की पर्याप्त सब्सिडी का लाभ मिलता है। इन उपायों का उद्देश्य किसानों के बीच स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देते हुए कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना है।
यूपीनेडा के निदेशक अनुपम शुक्ला ने बताया कि यह योजना पहले आओ पहले पाओ के आधार पर संचालित है। इच्छुक व्यक्ति इन लाभों का लाभ उठाने के लिए 15 अगस्त तक विभाग के पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
यह पहल उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार और व्यापक जनसंख्या के लिए टिकाऊ ऊर्जा समाधान सुलभ बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।












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