UP Weather: सोनभद्र में 24 घंटे में 51 मिमी बारिश, घोरावल और रॉबर्ट्सगंज में हालात सबसे खराब
UP Weather: सोनभद्र जिले में दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। कभी तेज तो कभी धीमी बरसात से नदियां और तालाब उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी भर गया है और ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
राबर्ट्सगंज नगर के नई बस्ती इलाके में जलभराव के कारण रास्ते बंद हो गए। कई गलियों में पानी घुसने से लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया। इसी बीच एक पुराना कच्चा मकान भी गिर गया। हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है, पर लोग डरे हुए हैं।

नगवां ब्लॉक के रामपुर और वैनी क्षेत्र के कई गांवों में पानी ने घरों में घुसपैठ कर दी है। मिट्टी के मकान ढहने लगे हैं और ग्रामीण ऊंची जगहों की ओर जा रहे हैं। प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी है, लेकिन बारिश के कारण हालात अभी काबू में नहीं हैं।
रामपुर गांव में मची तबाही, कच्चे घरों का नामोनिशान मिटा
रामपुर गांव से बहने वाली घाघर नदी ने शुक्रवार को कहर बरपा दिया। अचानक पानी बढ़ने से दर्जनों घरों में बाढ़ घुस गई। कई मकान पूरी तरह ढह गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। हालात देखकर प्रशासन भी अलर्ट हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तीस से अधिक घर पूरी तरह धराशायी हो चुके हैं। कई मवेशी भी बह गए। गांव के रामचंद्र कुशवाहा का घर और सामान सब बह गया। लोग रातभर खुले आसमान के नीचे गुजारने को मजबूर हैं।
स्कूलों में बनाए गए राहत शिविर
घटना की जानकारी मिलते ही रात में ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें गांव पहुंच गईं। शनिवार सुबह एडीएम राजस्व वागीश मिश्रा और तहसीलदार पवित कुमार ने स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से स्कूल भवन में ठहराया गया है।
ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने राहत सामग्री और भोजन की व्यवस्था कराई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच और दवाओं का वितरण किया। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी जरूरतमंद को खुले में नहीं रहना पड़ेगा।
दरमा और पटना गांव में भी बारिश का असर, मवेशी बहे
दरमा गांव में राम दिहल धांगर का घर नदी के पानी में समा गया। उनका परिवार अब पास के प्राथमिक विद्यालय में शरण लिए हुए है। पटना गांव में पुल पर दो फीट पानी बहने से आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया। लोग गांव में ही फंसे हैं।
पटना गांव के बुड़ुक बिंद की चार गायें पानी में बह गईं। सुरेंद्र पासवान की दो गायें खूंटे से बंधी होने के कारण डूब गईं। इंद्रावती धांगर और राममूरत पाल के कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। कई घरों में अब भी पानी भरा है।
शक्तिनगर में कोल खदान का पानी बना मुसीबत
शक्तिनगर क्षेत्र के खड़िया पंचायत में शुक्रवार की बारिश ने और संकट बढ़ा दिया। कोल खदान की मिट्टी और पानी का मलबा नाउ टोला बस्ती में फैल गया। तीन दर्जन से ज्यादा घरों में ओबी की मिट्टी घुस गई जिससे लोग बेहाल हैं।
रामेश्वर वर्मा और सुनील वर्मा के घर पूरी तरह गिर गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलनिकासी की ठोस व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात का पानी हर साल इसी तरह परेशानी खड़ी करता है।
बिजली और पानी की आपूर्ति ठप
वैनी ब्लॉक के कई गांवों में हालात बेहद खराब हैं। दुबेपुर, तेलियागंज और झरना गांवों में पानी दो फीट तक भर गया है। लोग अपने घरों से निकलकर ऊंची जगहों पर डेरा डाले हुए हैं। बरसात ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
बिजली गुल होने से मोबाइल फोन बंद हैं और जलापूर्ति भी ठप है। धान और दलहनी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने कहा है कि फसल सर्वे जल्द शुरू किया जाएगा और प्रभावित किसानों को बीमा के तहत मुआवजा दिलाया जाएगा।












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